न्यूज 127, मेरठ (जोजो)।
रविवार 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हो रहे पवित्र नवरात्र (दुर्गा पूजा) और 20 अक्टूबर 2026 को मनाए जाने वाले विजया दशमी (दशहरा) पर्व के अवसर पर मेरठ परिक्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। डीआईजी रेंज मेरठ, श्री कलानिधि नैथानी के निर्देशन में परिक्षेत्र के सभी जनपदों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक खाका और पुलिस बल
परिक्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 5,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें निम्नलिखित बल शामिल हैं:
राजपत्रित व अन्य अधिकारी/कर्मचारी: 07 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी (सीओ), 92 निरीक्षक और 810 उपनिरीक्षक (एसआई)। 1,455 मुख्य आरक्षी और 1,715 आरक्षी। अतिरिक्त बल में 890 होमगार्ड/पीआरडी जवान और 2 कंपनी पीएसी (PAC) शामिल हैं।
जोनल व्यवस्था: सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए परिक्षेत्र को 24 जोन, 81 सेक्टर और 61 क्यूआरटी (QRT) में बांटा गया है।
परिक्षेत्र में आयोजनों और कार्यक्रमों के आंकड़े
शोभायात्राएं: कुल 390 (मेरठ-45, बुलंदशहर-260, बागपत-35, हापुड़-50)
पूजा पंडाल: कुल 26 (मेरठ-11, बुलंदशहर-01, बागपत-11, हापुड़-03)
बृहद् पंडाल: कुल 07 (मेरठ-01, बुलंदशहर-01, बागपत-02, हापुड़-03)
स्थापित की जाने वाली दुर्गा प्रतिमाएं: कुल 27
मेले/रामलीला मंचन: कुल 114 (मेरठ-36, बुलंदशहर-51, बागपत-16, हापुड़-11)
रावण दहन स्थल: कुल 112
संवेदनशील/हॉटस्पॉट स्थान: 115 चिन्हित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, शांति समितियों और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जनपदों में कुल 132 पीस कमेटी की बैठकें तथा नगर निगम, स्वास्थ्य एवं विद्युत विभाग जैसे अन्य विभागों के साथ 130 समन्वय बैठकें सफलतापूर्व आयोजित कर ली गई हैं।
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश:
विवादों का समय रहते निस्तारण: रामलीला, मूर्ति स्थापना, विसर्जन मार्ग और रावण दहन स्थलों का अभी से निरीक्षण कर लिया जाए। बीट अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में किसी भी पुराने या नए विवाद की जांच कर समय रहते उसे सुलझाएं।
त्योहार रजिस्टर और निरोधात्मक कार्रवाई: थानों के त्यौहार रजिस्टर और रजिस्टर नंबर-8 का अध्ययन कर किसी भी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए। असामाजिक और सांप्रदायिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
अग्नि सुरक्षा और विद्युत प्रबंध: पूजा व जागरण पंडालों में शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय कर भौतिक निरीक्षण किया जाए। रावण दहन स्थलों पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था और बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से हो।
यातायात प्रबंधन और पार्किंग: त्योहारों पर भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग स्थल और होल्डिंग एरिया चिन्हित किए जाएं। जाम से निपटने के लिए मोबाइल बैरियर की व्यवस्था की जाए।
सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा (मिशन शक्ति): संवेदनशील मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस व पीएसी बल द्वारा नियमित फ्लैगमार्च निकाला जाए। ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत एंटी रोमियो टीमों द्वारा बाजारों और मेलों में मनचलों पर कड़ी नजर रखी जाए।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: भीड़भाड़ वाले स्थानों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से की जाए। साथ ही, सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि किसी भी तरह की अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट फैलने पर तुरंत प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा सके।


