माणा-बगोरी का ‘मन की बात’ में जिक्र, मुख्यमंत्री ने बताया उत्तराखंड के लिए गौरव




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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 138वां संस्करण सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में चल रही जनगणना का उल्लेख करते हुए चमोली के माणा और उत्तरकाशी के बगोरी गांव के उदाहरण साझा किए। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए जनगणना में प्रदेशवासियों से सक्रिय सहयोग की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों, उपलब्धियों और प्रेरक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर स्थान मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड के सीमांत गांवों का उल्लेख यहां के लोगों की जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को सामने लाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में बताया कि देश के कई दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का कार्य जारी है। उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली जिले के माणा गांव से हुई, जहां सबसे पहले 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत की जानकारी दर्ज की गई। उत्तरकाशी के बगोरी गांव में होमस्टे संचालक हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माणा और बगोरी जैसे सीमांत गांवों का उदाहरण देश के सामने आना उत्तराखंड के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह सीमांत क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता और सरकारी प्रक्रियाओं में लोगों की भागीदारी को भी दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने जनगणना को प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए लोगों से इसमें सहयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री धामी ने भी प्रदेशवासियों से अपनी सही जानकारी दर्ज कराने और जनगणना प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग देने की अपील की। प्रधानमंत्री के अनुसार, 138वें संस्करण के समय तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी थी और 2.60 करोड़ से अधिक लोगों ने मोबाइल के माध्यम से स्व-गणना की थी।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दस वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, पोषण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर जनभागीदारी का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय उत्तराखंड के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से इन प्रयासों में सक्रिय भागीदारी करते हुए विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने की अपील की। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, अन्य जनप्रतिनिधि और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।