न्यूज 127, मेरठ।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत मेरठ पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी से एक सनसनीखेज हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला आया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डीजे), जनपद मेरठ की अदालत ने पति की हत्या कर शव को सीमेंट से भरे ड्रम में छिपाने के चर्चित मामले में दोषी पाए गए दोनों अभियुक्तों को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 मार्च 2025 को थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में मुस्कान नाम की महिला ने साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की निर्मम हत्या कर दी थी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को एक नीले ड्रम में सीमेंट के अंदर दफना दिया था। इस संबंध में थाना ब्रह्मपुरी में मृतका की पत्नी और उसके साथी के खिलाफ मु0अ0सं0 107/2025 धारा 103(1)/238(a) बीएनएस-2023 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रमाकांत पचौरी द्वारा इस मामले की गहन विवेचना करते हुए अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतक सौरभ का शव बरामद किया गया था और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया गया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान थाना ब्रह्मपुरी पुलिस, मॉनिटरिंग सेल, कोर्ट पैरोकार और अभियोजन पक्ष ने गवाहों को समय पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर लगातार मजबूत एवं प्रभावी पैरवी की। इसी का परिणाम रहा कि माननीय न्यायालय ने अभियुक्त साहिल शुक्ला पुत्र नीरज शुक्ला (निवासी रंजन वाली गली, ब्रह्मपुरी) और मृतक की पत्नी मुस्कान को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस सफल पैरवी में थानाध्यक्ष राजेश काम्बोज, डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे, कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल दिलशाद अहमद और कोर्ट मुहर्रिर कांस्टेबल प्रशांत कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


