युवाओं के तीखे सवालों पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के बेबाक जवाब, भ्रष्टाचारियों को चेतावनी










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न्यूज 127, खटीमा।
रोजगार से लेकर भ्रष्टाचार, सीमांत क्षेत्रों से पर्यटन और पर्यावरण से लेकर आपदा प्रबंधन तक युवाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे और निर्भीक सवाल किए। सोमवार को सनातन धर्मशाला परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों का सहज और बेबाकी से जवाब देते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सवाल किए।

रिश्वत मांगे तो 1064 पर फोन करो, पहचान रहेगी गुप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है अथवा किसी तरह का अनुचित दबाव बनाता है तो नागरिक बिना किसी भय के टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों की विशेष टीमों से जांच कराई जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए।

‘विकल्प रहित संकल्प’ से बनेगा अग्रणी उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हिमालय, नदियां, वन संपदा, कृषि संसाधन और शैक्षणिक संस्थान उत्तराखंड की बड़ी ताकत हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है।

सीमांत गांव नहीं, देश के ‘प्रथम गांव’
छात्रा आल्या के सीमांत क्षेत्रों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को देश का अंतिम छोर मानने की सोच बदलनी होगी। ये क्षेत्र भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत इन क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विकास भी होगा, पर्यावरण भी बचेगा
कक्षा 11 की छात्रा रेखा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा उसकी सबसे बड़ी धरोहर है और विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। 5 अगस्त की आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को भी महत्वपूर्ण बताया।

34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है और रोजगार एवं करियर के अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

पर्यटन ने पकड़ी रफ्तार, सालाना 7-8 करोड़ पर्यटकों का दावा
छात्र अब्दुल के पर्यटन संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिली है। चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप उत्तराखंड में वार्षिक पर्यटकों की संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है। उन्होंने पर्यटकों के लिए स्वच्छ, सुविधाजनक व्यवस्थाओं और बेहतर आतिथ्य पर जोर दिया।

18 विद्यालयों के 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में विभिन्न 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। सोनू सिंह, हिमांशी, आलिदा, खुशी अवस्थी सहित अन्य विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।