आरटीई में देरी की तो खैर नहीं, डीएम ने अफसरों को लगाई फटकार










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न्यूज 127, हरिद्वार।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के मामलों में लापरवाही और देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी। सोमवार को मायापुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बहादराबाद के औचक निरीक्षण पर पहुंचे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरटीई के पात्र बच्चों को उनका अधिकार दिलाने में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। घास-झाड़ियां तक नहीं काटी गई थीं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सफाई और झाड़ियों की कटान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अव्यवस्था किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। आमजन को कार्यालय में बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

आरटीई पर डीएम का दो टूक संदेश-न भेदभाव चलेगा, न देरी
डीएम ने आरटीई के तहत लंबित और संचालित मामलों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तय समयसीमा में किया जाए। पात्र बच्चों को बिना भेदभाव और अनावश्यक दौड़-भाग के शिक्षा का अधिकार मिलना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने उपस्थित पंजिका की जांच के साथ पत्रावलियों के रख-रखाव का भी जायजा लिया। कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।

2.84 करोड़ का पुस्तकालय प्रस्ताव शासन में अटका, डीएम ने मांगी तेजी
डीएम ने कार्यालय परिसर में प्रस्तावित पुस्तकालय के स्थल का भी निरीक्षण किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने बताया कि परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण भवन को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। इसके स्थान पर पुस्तकालय निर्माण प्रस्तावित है।
पेयजल निर्माण निगम ने पुस्तकालय के निर्माण के लिए 284.33 लाख रुपये का आकलन प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है, लेकिन अभी तक शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी और पत्राचार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल सके।

‘जनता से जुड़े कार्यालयों में लापरवाही नहीं चलेगी’
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि शिक्षा विभाग के कार्यालय सीधे जनहित से जुड़े हैं। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।