न्यूज 127, बनबसा।
नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बनबसा में बड़ा संदेश दिया। सुमंगलम होटल में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों के सीधे जवाब दिए और कहा कि युवा शक्ति को सही दिशा मिले तो यही शक्ति वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की सबसे बड़ी ताकत साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल, समाजसेवा, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली स्थानीय युवा प्रतिभाओं को राजकीय सम्मान देकर प्रोत्साहित किया।
‘नशे से खुद दूर रहें, दूसरों को भी रोकें’
छात्र रोहित शर्मा के नशे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब देश की युवा शक्ति स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी युवा है और यही 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा देश का परिदृश्य बदल सकते हैं।
नकल पर नकेल, 34 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी
छात्रा प्रीति पांडे ने नकल विरोधी कानून की सराहना करते हुए स्थानीय परीक्षा केंद्र टनकपुर में बनाए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उचित प्रयास का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
युवाओं के लिए बनेगा आयोग, रोजगार से जोड़ेगा
छात्र नमन पुरी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है। आयोग युवा प्रतिभाओं को सही दिशा और मार्गदर्शन देने के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, निष्ठा और परिश्रम को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। कहा कि कोई व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन कर महान बनता है।
चंपावत में 56 करोड़ का साइंस सेंटर, सीमांत क्षेत्र में विकास पर जोर
छात्र सुमित सिंह नायक के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत में 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इससे युवाओं को विज्ञान और तकनीक से जुड़ी आधुनिक जानकारी उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए चंपावत में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस सेंटर और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जैसे जनपदों में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।
उत्कृष्ट युवाओं को मंच से मिला सम्मान
समारोह में नीट परीक्षा में सफल बसटिया की हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये वार्षिक पैकेज हासिल करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रैसलिंग में स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढ़कोटी को सम्मानित किया गया।
खेल एवं दिव्यांग कल्याण में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता बनबसा के संदीप रस्तोगी, निःशुल्क गौसेवा करने वाले पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान संचालक मनीष सिंह तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहीं अजंता विजय को भी सम्मानित किया गया।
बागवानी के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने वाले कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति एवं मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट और युवतियों को सेना एवं पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली अरुणिमा रावत को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रभारी गुंजन सुखीजा, सह प्रभारी नितिन देउपा, श्याम नारायण पांडेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, किरण देवी, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।








