न्यूज 127, अल्मोड़ा
राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊँ में छात्रा से मारपीट के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह सोमवार को स्वयं विद्यालय पहुंचे और पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य से घटना के संबंध में जानकारी लेने के साथ पीड़ित छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर उनका पक्ष सुना। उन्होंने विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं से भी बातचीत कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
जांच समिति की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा और उपखंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की संयुक्त समिति गठित की गई थी। समिति ने जांच पूरी कर संबंधित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति की। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए काउंसलिंग, संवाद और सकारात्मक उपाय अपनाए जाने चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों से बातचीत कर समस्या का समाधान किया जाए, लेकिन बच्चों को शारीरिक दंड देना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है।
शिक्षकों से पठन-पाठन की भी ली जानकारी
विद्यालय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों के साथ बैठक कर पठन-पाठन, अनुशासन, विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यालय में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं जानीं।
छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने विद्यालय में खेल मैदान विकसित करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शौचालय, पेयजल और सड़क व्यवस्था सुधारने के निर्देश
जिलाधिकारी ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शौचालयों की व्यवस्था में सुधार, विद्यालय परिसर में नियमित स्वच्छता, विद्यालय तक पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पानी के भंडारण हेतु टैंक स्थापित करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सौम्या गर्ब्याल, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रवि मेहता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।








