देहरादून।
पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकी हमले की पहली बरसी पर एक मार्मिक और अनुभवपरक पुस्तक ‘पहलगाम… जब समय थम गया’ बुधवार को जनता के बीच आई। इस पुस्तक के लेखक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक के एस. चौहान हैं, जो घटना के दिन अपने परिवार के साथ पहलगाम में मौजूद थे।
लेखक के एस चौहान ने उस भयावह दिन के अपने व्यक्तिगत अनुभवों, घटनास्थल के माहौल और हालात को बेहद संवेदनशील ढंग से पुस्तक में पिरोया है। पुस्तक न केवल उस दर्दनाक घटना का सजीव चित्रण करती है, बल्कि अंत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख करती है, जो हमले के बाद भारत की सशक्त प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री को भेंट की पुस्तक
बुधवार को संयुक्त निदेशक केएस. चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अपनी पुस्तक की प्रति उन्हें भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कृतियां समाज को जागरूक करने और घटनाओं को स्मृति में संजोने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
पहलगाम हमला देश को झकझोरने वाला था
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक वर्ष पूर्व पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। उन्होंने हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से जिस प्रकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया, वह देश की दृढ़ इच्छाशक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक है, जिसे विश्वभर ने देखा।
स्मृति और संकल्प की दस्तावेज बनी पुस्तक
‘पहलगाम… जब समय थम गया’ न केवल एक पुस्तक है, बल्कि उस दर्दनाक घटना की जीवंत स्मृति और आतंकवाद के खिलाफ देश के संकल्प का दस्तावेज भी है।
पहलगाम… जब समय थम गया’ पुस्तक का विमोचन, मुख्यमंत्री को भेंट




