न्यूज 127, हरिद्वार।
जन्माष्टमी पर्व पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सोमवार को जनपदभर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। टीमों ने ऑनलाइन ई-प्लेटफॉर्म से लेकर होटल-रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर छापेमारी और निरीक्षण किया। इस दौरान 13 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए उठाए गए।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान कई प्रतिष्ठानों में नियमों की अनदेखी सामने आई।
ब्लिंकिट स्टोर में खुली लापरवाही की पोल
ज्वालापुर स्थित ब्लिंकिट स्टोर के निरीक्षण में विभाग को कई गंभीर खामियां मिलीं। आवश्यक अभिलेख, कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड और तापमान मापन उपकरण जैसी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। खाद्य पदार्थों के रखरखाव और भंडारण में भी नियमों की अनदेखी सामने आई। विभाग ने प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
वहीं नोएडा की एक ब्रेड निर्माता कंपनी पर लेबलिंग नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। एक टोफू निर्माता कंपनी द्वारा अपने उत्पाद को ‘सोया पनीर’ के नाम से बेचे जाने पर भी विभाग ने नोटिस जारी किया। मौके से देशी घी, ब्रेड, मिठाई और टोफू के चार नमूने जांच के लिए लिए गए।
खराब मसाले और बिना लाइसेंस धंधा, दो मामले कोर्ट में
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांवड़ मेले के दौरान चंडीघाट स्थित शंकर ढाबा में खराब मसालों के इस्तेमाल और बिना फूड लाइसेंस संचालन के मामले में न्यायालय में वाद दायर किया है।
इसी तरह खानपुर स्थित प्रहलाद स्वीट्स से लिए गए दूध का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया। प्रतिष्ठान में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण और बिना लाइसेंस संचालन का मामला भी सामने आया। विभाग ने इस मामले में भी न्यायालय में वाद दर्ज कराया है।
रुड़की से पिरान कलियर तक जांच, 13 नमूने कब्जे में
पिरान कलियर, रुड़की शहर और विभिन्न होटल-रेस्टोरेंटों में भी खाद्य सुरक्षा टीमों ने निरीक्षण किया। इस दौरान तेल, मसाले, दूध, चायपत्ती और चाट मसाला समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। बिना फूड लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पूरे अभियान में कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।








