मसूरी गोलीकांड के शहीदों का बलिदान सदैव स्मरणीय : धामी










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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी के शहीद स्थल झूलाघर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मसूरी गोलीकांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान से उत्तराखंड राज्य गठन का सपना साकार हुआ। मसूरी की धरती राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की साक्षी रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1994 में खटीमा गोलीकांड के विरोध में मसूरी में हजारों आंदोलनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों का बलिदान उत्तराखंडवासियों की स्मृतियों में सदैव अमर रहेगा। नई पीढ़ी को राज्य निर्माण के संघर्ष से परिचित कराना सभी की जिम्मेदारी है। आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

आंदोलनकारियों के सम्मान में कई फैसले
धामी ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों की पेंशन 3000 से बढ़ाकर 5500 रुपये, जेल गए और घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 6000 से बढ़ाकर 7000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों की पेंशन 4500 से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बीते पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई युवा रोजगार के लिए पलायन को मजबूर न हो और उत्तराखंड की अस्मिता व संस्कृति सुरक्षित रहे।