HEC कॉलेज में शिक्षक दिवस पर सजा संस्कृति और प्रतिभा का मंच










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ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन के सूत्रधार शिक्षकों को किया नमन, विविध कार्यक्रमों ने बांधा समां

न्यूज 127, हरिद्वार।
शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को गढ़ने और समाज को नई दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए एचईसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, हरिद्वार में शिक्षक दिवस के अवसर पर साहित्यिक क्लब के तत्वावधान में विविध सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर आपसी सौहार्द, रचनात्मकता और टीम भावना का परिचय दिया।

शिक्षक दिवस समारोह के दौरान ‘कैनवास-अनेक प्रेरणाएं’, ‘सफल टीम बॉन्डिंग’, ‘आवाज से प्रोफेसर को पहचानो’, ‘प्रोफेसर की टैगलाइन’, प्रश्नोत्तरी और म्यूजिकल चेयर जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों ने जहां शिक्षकों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया, वहीं आपसी संवाद और टीम भावना को भी मजबूत किया। शिक्षिका रूपा बिश्नोई द्वारा प्रस्तुत कविता पाठ ने कार्यक्रम को साहित्यिक भावनाओं से भी जोड़ा।

संस्थान के चेयरमैन संदीप चौधरी ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन उन सभी शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो अपने ज्ञान, मार्गदर्शन और संस्कारों से विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके योगदान को शब्दों में सीमित नहीं किया जा सकता।

प्राचार्या डा. तृप्ति अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने, सही निर्णय लेने और सही राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ज्ञान के साथ संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास करना है।

कार्यक्रम का संचालन डा. दीपिका संगतानी एवं सुनीति त्यागी ने किया। समारोह में डा. रितु मोदी, दीपशिखा बोहरा, रश्मि सक्सेना, डा. पूजा मिश्रा, डा. तनु चन्द्रा, डा. करुणा नेहरा, अशोक, राजा मनीष, योगराज, गौरव भाटिया, मनीष, शिवानी, वंदना, अंजली बिश्नोई सहित संस्थान के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

समारोह का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ संस्थान के शिक्षकों के बीच सहयोग, संवाद और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना रहा।