डीएवी सेन्टेनरी पब्लिक स्कूल जगजीतपुर में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस










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शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, जीवन की दिशा भी देते हैं : मनोज कुमार कपिल
हरिद्वार।
डीएवी सेन्टेनरी पब्लिक स्कूल, जगजीतपुर में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम बड़े ही उत्साह, उल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित ​किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, बदलती तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव सहित विभिन्न विषयों पर प्रेरणादायी विचार साझा किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल एवं सुपरवाइजरी हेड्स ने भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए किया।

सामाजिक विज्ञान के अध्यापक लव अरोड़ा ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम का विधिवत प्रारंभ किया। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल एवं सुपरवाइजरी हेड्स का स्वागत करते हुए सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षक दिवस के ऐतिहासिक एवं शैक्षिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।

तकनीक के दौर में शिक्षक की जिम्मेदारी और बढ़ी

विद्यालय की अंग्रेजी अध्यापिका अभिलाषा ने वर्तमान तकनीकी परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका और उनके सामने मौजूद चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में बच्चों के प्रति शिक्षक की सजगता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल ने “क्या संचार माध्यमों से प्राप्त ज्ञान शिक्षक का स्थान ले सकता है?” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में ज्ञान के अनेक स्रोत आज सहज रूप से उपलब्ध हैं, लेकिन ज्ञान और सूचना के बीच अंतर समझाने तथा बच्चों को सही दिशा देने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि भले-बुरे की पहचान कराना, शिक्षक की आंखों का अनुशासन, बच्चों को प्रेरित करने वाले शब्द और शिक्षक के व्यक्तित्व की अमिट छाप किसी भी तकनीक से प्रतिस्थापित नहीं की जा सकती। शिक्षक के मार्गदर्शन और प्रेरणा से बच्चे के जीवन की दिशा सकारात्मक रूप से बदल सकती है, जो केवल तकनीकी ज्ञान के माध्यम से संभव नहीं है।

संगीत और कविता ने बांधा समां

समारोह में विद्यालय के संगीत शिक्षकों हिमांशु गुप्ता, दीपक भट्ट एवं पंकज पपनोई तथा सास्वती रॉय ने मनमोहक गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को मधुर और खुशनुमा बना दिया। वहीं कंप्यूटर शिक्षिका दीपशिखा शर्मा ने ‘जिंदगी तू दोस्त जैसी है’ कविता का भावपूर्ण वाचन कर सहकर्मियों के प्रति आभार और आत्मीयता की भावना व्यक्त की।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने आपसी सौहार्द और आत्मीयता के साथ जलपान का आनंद लिया। इस दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक-दूसरे को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपने दायित्वों को और अधिक संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया। इसी के साथ शिक्षक दिवस समारोह हर्षोल्लास और आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।
हालांकि वर्षा ऋतु के कारण जिलाधिकारी के आदेश पर 5 सितंबर को बच्चों का अवकाश होने के कारण कार्यक्रम सीमित रहा।