नाटिका, पोस्टर, पीपीटी और क्विज के जरिए पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
पथ प्रवाह, हरिद्वार।
एचईसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर विज्ञान विभाग के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बीएससी माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, बीएससी एग्रीकल्चर और एमएससी के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर ओजोन परत के महत्व, संरक्षण और पर्यावरण पर उसके प्रभावों को रचनात्मक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
नाटिका के जरिए समझाया ओजोन संरक्षण का महत्व
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत ‘ओजोन मर्डर केस’ नाटिका रही। नाटिका के माध्यम से ओजोन परत को होने वाले नुकसान और उसके पर्यावरणीय प्रभावों को रोचक अंदाज में सामने रखा गया। इसमें नूतन, श्रेयशी, स्नेहा, मेघा, गौरव, चारू, शगुन एवं खुशी ने प्रतिभाग किया। नाटिका का रूपांतरण रसिका जोशी एवं संध्या बडूनी ने किया।
पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने ओजोन संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता से जुड़े आकर्षक और संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। प्रतियोगिता में बीएससी बायोटेक्नोलॉजी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा स्नेहा मौर्या ने प्रथम, बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम सेमेस्टर की छात्रा रिद्धी ने द्वितीय तथा बीएससी बायोटेक्नोलॉजी के स्वाति, अलवीना एवं आयूष ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पीपीटी में सामने रखे पर्यावरणीय प्रभाव
विद्यार्थियों ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ओजोन परत पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभावों और पर्यावरणीय चुनौतियों की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में श्रेया द्विक्षित, अलीशा अन्सारी, मनु एवं साक्षी ने प्रतिभाग किया। वैज्ञानिक तथ्यों और प्रभावी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों ने ओजोन संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
क्विज में श्रेया, स्नेहा और सूरज की टीम प्रथम
ओजोन परत, पर्यावरण और संरक्षण से जुड़े विषयों पर क्विज प्रतियोगिता भी हुई। इसमें प्रतिभागियों ने अपनी जानकारी और वैज्ञानिक समझ का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में श्रेया, स्नेहा एवं सूरज की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन कीर्ति एवं स्वाति ने किया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. तृप्ति अग्रवाल ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इसके संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के आयोजन में समन्वयक डॉ. पूजा मिश्रा, डॉ. तनु चन्द्रा, अशोक कुमार, डॉ. निधी जोशी, नितिन वर्मा, अंकित सैनी, अंजली विश्नोई, डॉ. दीपिका संगतानी सहित अन्य शिक्षकों ने सहयोग किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण को पृथ्वी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।




