न्यूज 127. मेरठ।
गणेश चतुर्थी और अनन्त चतुर्थी के अवसर पर मेरठ परिक्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहेंगे। डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर परिक्षेत्र के सभी जनपदों में सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किये गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में डीआईजी ने परिक्षेत्र के सभी जनपदों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश भी दिये।
गणेश चतुर्थी/ अनन्त चतुर्दशी पर ड्यूटी में लगाया जाने वाला कुल पुलिस बल 2500 है। कानून व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदो में 07 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 71 निरीक्षक, 460 उ0नि0, 645 मु0आ0, 880 आरक्षी, 375 हो0गार्ड/पीआरडी एवं 01 कम्पनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है।
पूजा पण्डाल के स्थानों की संख्या- 168 एवं स्थापित की जाने वाली प्रतिमाओं की संख्या-164 है, जिसमें जनपद मेरठ में 80 स्थानों पर 49, बुलन्दशहर में 18 स्थानों पर 44, बागपत में 58 स्थानों पर 58, एवं हापुड़ में 12 स्थानों पर 13 प्रतिमाएं स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
शोभायात्राओं की कुल संख्या- 197 हैं, जिसमें जनपद मेरठ में 63, जनपद बुलन्दशहर में 51, जनपद बागपत में 68 एवं जनपद हापुड़ में 15 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं।
शोभायात्राओं के मार्ग में पड़ने वाले संवेदनशील स्थानों की संख्या- 85, जनपद मेरठ में-38, बुलन्दशहर में-42, बागपत में-01 व हापुड़ में -04 स्थानों को संवेदनशील के रुप मे चिन्हित किया गया है।
प्रतिमा विसर्जित किये जाने वाले घाटो की संख्या-34 है, मेरठ-07, बुलन्दशहर-13, बागपत-10, हापुड़-04 हैं। जनपद के अन्दर विसर्जित की जाने वाली प्रतिमाओ की संख्या- 125, मेरठ-27, बुलन्दशहर-41, बागपत-45, हापुड़-12 है। जनपद के बाहर विसर्जित की जाने वाली प्रतिमाओ की संख्या -39 हैं। इनमें मेरठ से-22, बुलन्दशहर से-03, बागपत से-13, हापुड़ से-01 है। विसर्जित की जाने वाली कुल प्रतिमाओं की संख्या -164 हैं। इनमें मेरठ-49, बुलन्दशहर-44, बागपत-58, हापुड़-13 हैं।
चिन्हित हॉटस्पॉट – 117 जिनके सापेक्ष 24 जोन, 81 सेक्टर एवं 52 क्यूआरटी बनायी गयी है। परिक्षेत्र की सभी जनपदीय पुलिस द्वारा पीस कमेटी/ धर्म गुरू/ शांति समिति/ संभ्रान्त व्यक्तियों के साथ 115, अन्य विभाग जैसे नगर निगम, स्वास्थय, विद्युत विभाग आदि के साथ 105, आयोजको/ संचालको के साथ 98 गोष्ठियां आयोजित कर ली गई हैं ।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व दिनांक 14 सितम्बर तथा अनन्त चतुर्दशी का पर्व दिनांक 25 सितम्बर को मनाया जायेगा । गणेश चतुर्थी के प्रारम्भ से अनन्त चर्तुदशी पर्व तक हिन्दू समुदाय द्वारा गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा अपने-अपने घरों/मन्दिरों व जगह-जगह गणेश प्रतिमायें पण्डाल में स्थापित कर गणेश उत्सव समारोह मनाया जाता है।
इस दौरान गणेश प्रतिमा दर्शन /पूजा हेतु काफी संख्या में श्रद्धालु महिला, पुरूष, बच्चे दिन एवं रात्रि में विभिन्न मन्दिरों व पण्डालों में आवागमन करते हैं। गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनन्त चर्तुदशी को व भिन्न-भिन्न तिथियों में किया जाता है, जिसके कारण संवेदनशीलता बनी रहती है। त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराये जाने हेतु डीआईजी रेंज मेरठ कलानिधि नैथानी द्वारा कानून एवं व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैंं।
डीआईजी द्वारा दिये गए दिशा निर्देश
सभी शोभायात्राओं एवं मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों के आयोजकों से पूर्व समन्वय स्थापित कर रूट, समय एवं कार्यक्रम की अवधि निर्धारित कर ली जाए, निर्धारित रूट एवं समय में किसी प्रकार का अनावश्यक परिवर्तन न होने दिया जाए।
शोभायात्राओं के मार्गों का पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूर्व में भौतिक निरीक्षण कर लिया जाए तथा मार्ग में आने वाले अवरोध, विद्युत तार, अतिक्रमण एवं यातायात संबंधी समस्याओं का समय से निराकरण कराया जाए।
थाना क्षेत्र मे जितने स्थानो पर गणेश प्रतिमा स्थापित होगी उसकी सूची थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी पर अवश्य रहे साथ ही यह भी सुनिश्चित कर लिया जाये कि स्थापित की जाने वाली प्रतिमाएं सीसीटीवी से आच्छादित रहें।
विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, लाइफ जैकेट, रस्से एवं अन्य जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, गहरे पानी वाले स्थानों पर किसी भी व्यक्ति को जाने की अनुमति न दी जाए साथ ही रात्रि के समय विशेष सतर्कता बरती जाए।
गोताखोरों, जल पुलिस/बाढ़ राहत पीएसी एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय रखते हुए घाटों पर पर्याप्त जल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भीड़ प्रबंधन के लिए प्रत्येक प्रमुख आयोजन स्थल एवं विसर्जन घाट पर पर्याप्त पुलिस बल, क्यूआरटी एवं आवश्यकतानुसार महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूसों में त्रुटि रहित, योजनाबद्ध पुलिस प्रबन्ध किया जाये । प्रतिमाओं तथा जुलूसों की सुरक्षा हेतु बाक्स फार्मेट में पुलिस प्रबन्ध करते हुए आगे, पीछे, दायें तथा बायें चारो तरफ ड्यूटी लगायी जाये।
आयोजन स्थलों, प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों एवं विसर्जन घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता के अनुसार ड्रोन कैमरों का प्रयोग किया जाए।
सीसीटीवी/ड्रोन से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचनाओं पर तत्काल रिस्पॉन्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शोभायात्रा एवं विसर्जन के दौरान आवश्यकतानुसार डायवर्जन प्लान लागू किया जाए, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के आवागमन हेतु वैकल्पिक मार्ग खुले रखे जाएं।
सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजनकर्ताओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें तथा आयोजकों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित कर उनका अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
किसी भी प्रकार की नई/गैर-परम्परागत परम्परा को अनुमति न दी जाए, निर्धारित परम्परागत मार्ग एवं कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजन सम्पन्न कराया जाए।
साम्प्रदायिक एवं संवेदनशील हॉटस्पॉट पर पर्याप्त पुलिस पिकेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
महिला एवं बाल सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा महिलाओं/बच्चों से संबंधित किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आयोजन स्थलों पर अग्निशमन एवं विद्युत सुरक्षा के मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, पूजा पण्डालों में विद्युत तारों की स्थिति, अस्थायी कनेक्शन एवं अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता का सत्यापन कराया जाए।
आकस्मिक घटनाओं के लिए थाना/चौकी स्तर पर Contingency Plan तैयार रखा जाए तथा पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों के मध्य तत्काल समन्वय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पुलिस बल को बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट एवं आवश्यक दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ क्लस्टर व्यवस्था में तैयार रखा जाए, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जनपद प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी को उसके ड्यूटी प्वाइंट, रूट, जिम्मेदारी एवं आकस्मिक स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी हो।
त्यौहार के दौरान आमजन एवं श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा कानून व्यवस्था से संबंधित किसी भी स्थिति में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों पर 24×7 सतर्क निगरानी रखी जाए। भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा अफवाह फैलाने वाली पोस्ट/वीडियो के संबंध में तत्काल सत्यापन कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पुराने वीडियो/फोटो अथवा भ्रामक सूचनाओं का तत्काल फैक्ट चेक कराया जाए तथा जनपद के सोशल मीडिया सेल को सक्रिय एवं अलर्ट मोड पर रखा जाए।
डीआईजी ने कहा कि गणेश चतुर्थी एवं अनन्त चतुर्दशी के अवसर पर धार्मिक आस्था एवं परम्पराओं का सम्मान रखते हुए पर्याप्त पुलिस प्रबन्ध, प्रभावी निगरानी एवं त्वरित रिस्पॉन्स के माध्यम से त्यौहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराया जाए।








