युवा संकल्प दिवस: मुख्यमंत्री धामी का आह्वान—बड़ा लक्ष्य तय करें, नशे से दूर रहें और सफलता का हिस्सा देवभूमि के विकास को दें






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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिवस पर युवाओं के बीच पहुंचकर उन्हें विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण का संकल्प दिलाया। रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित ‘युवा संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने, नशे से दूर रहने और सफलता हासिल करने के बाद अपने ज्ञान, अनुभव व सामर्थ्य का कुछ हिस्सा उत्तराखण्ड के विकास में लगाने के तीन संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने जन्मदिवस पर युवा शक्ति के बीच उपस्थित होना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें भी नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार ही भविष्य के विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं।

रोजगार तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में वर्तमान युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को बेहतर अवसर और सही दिशा उपलब्ध कराना जरूरी है। सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए मजबूरी में घर, गांव और प्रदेश न छोड़ना पड़े। युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न बनें, बल्कि उद्यमिता के जरिए दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।

नई तकनीक के दौर में कौशल जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक रोजगार के स्वरूप को तेजी से बदल रहे हैं। युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना आवश्यक है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के जरिए स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ाई जा रही हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के साथ डिजिटल सशक्तीकरण तथा नशे और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों में भी प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के बाद राज्य की खेल पहचान को नई दिशा मिली है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं की वर्षों की मेहनत और उनके परिवार की उम्मीदों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

‘तीन संकल्पों का गुलदस्ता’ लेकर लौटें युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए करें। भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहें और हर जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखें। नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए।

स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से मेहनत को आदत और अनुशासन को पहचान बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, उद्यमी या जनसेवक बनें, लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के सपने, परिश्रम और संकल्प विकसित उत्तराखण्ड की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।