जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर छह इंजीनियरों पर गिरी गाज




Listen to this article

ज्योलीकोट दूषित पेयजल मामले में सीएम धामी का बड़ा एक्शन, जल संस्थान और पेयजल निगम के अफसर नपे

न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का सख्त एक्शन लगातार जारी है। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में छह वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों के खिलाफ हुई इस बड़ी कार्रवाई से विभागीय स्तर पर भी हड़कंप मचा है।

जिला प्रशासन नैनीताल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबित अधिकारियों में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता तथा पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। वहीं, नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

शिकायत मिलते ही सीएम ने मांगी रिपोर्ट
ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीर्ष अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच के बाद जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।

सरकार की इस कार्रवाई को जन स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को भी अपने-अपने विभागों में व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

एक दिन पहले फर्जी प्रमाणपत्रों पर भी कड़ा प्रहार
धामी सरकार की सख्ती का सिलसिला यहीं नहीं रुका है। एक दिन पहले ही NEET UG 2026 की उत्तराखण्ड राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में भी मुख्यमंत्री ने कड़ा एक्शन लिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तक आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है।

लगातार दो दिनों में सामने आई इन कार्रवाइयों से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रशासनिक लापरवाही हो या नियमों से खिलवाड़, जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है और जनता के अधिकारों एवं स्वास्थ्य से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं होगा।

“जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में बार-बार निर्देशित किया गया है।