धामी सरकार के कार्यकाल में युवा वर्ग सबसे बड़ा लाभार्थी, स्वतंत्रता दिवस की सात घोषणाओं में चार सीधे युवाओं से जुड़ीं
पथ प्रवाह, देहरादून।
साढ़े चार साल के कार्यकाल में करीब 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकार की ओर से पहले से संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और देवभूमि उद्यमिता योजना के साथ स्वतंत्रता दिवस पर की गई नई घोषणाओं को जोड़कर देखा जाए तो युवा वर्ग धामी सरकार के कार्यकाल में प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सात महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें चार घोषणाएं सीधे तौर पर युवाओं के कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जुड़ी हैं। सरकार का जोर अब युवाओं को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए सक्षम बनाने पर है।
पर्वतीय जिलों में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क
मुख्यमंत्री ने चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की है। इन पार्कों के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और युवाओं की क्षमता के अनुरूप रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के लिए मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन करने की जरूरत कम होगी।
18 से 30 वर्ष के युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग
मुख्यमंत्री ने 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत युवाओं को आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना की खास बात यह होगी कि प्रशिक्षण के साथ युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहयोग भी मिलेगा। सरकार बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराएगी। इससे युवाओं के लिए कारोबार शुरू करने की राह आसान होने की उम्मीद है।
पहली बार बनेगा युवा आयोग
युवाओं से जुड़े विषयों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में पहली बार युवा आयोग की स्थापना की जाएगी। आयोग शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और युवाओं से जुड़े अन्य विषयों पर सुझाव देने तथा नीतिगत पहल के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा।
सीमांत युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती ग्रामों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन देने की भी घोषणा की है। सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर विकसित होने से पलायन रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के अनुभव एवं कौशल को उद्यमिता से जोड़ने की पहल से उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। सरकार का लक्ष्य सीमांत क्षेत्रों में युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
‘रोजगार पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के माध्यम से हजारों युवाओं को अवसर देने के बाद अब कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार युवाओं को हर संभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।








