न्यूज 127, मेरठ (जोजो):
मेरठ के बहुचर्चित और रूह कंपा देने वाले ब्रह्मपुरी सौरभ राजपूत हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ की घड़ी आ गई। अदालत ने क्रूरता की सारी हदें पार करने वाली कातिल पत्नी मुस्कान और उसके आशिक साहिल को सौरभ की नृशंस हत्या का मुजरिम ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस ऐतिहासिक फैसले से सनसनीखेज वारदात के पीड़ितों को आखिरकार न्याय मिला है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों मुजरिमों को किया पेश
सजा के ऐलान से ठीक पहले अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों मुजरिमों को पेश किया गया। जब अदालत ने मुख्य आरोपी मुस्कान से सीधा सवाल किया कि तुम अपने पति की हत्या की दोषी साबित हो चुकी हो, अपने लिए क्या सजा चाहती हो, तो उस औरत के हाथ अपने ही सुहाग की गर्दन काटते वक्त न कांपने वाले हाथ सलाखों के पीछे थरथरा उठे।

जज से की कम से कम सजा की अपील
मुस्कान ने अपनी बेटियों का हवाला देते हुए कहा कि उसकी दोनों बेटियां बहुत छोटी हैं, उनका ख्याल रखा जाए और उसे कम से कम सजा दी जाए। इतना कहते ही उसकी जुबान लड़खड़ा गई और वह सिर झुकाकर खामोश हो गई। इसके बाद अदालत ने उसके हमदर्द और जुर्म के साझीदार साहिल से सवाल किया, तो साहिल ने भी कांपती आवाज में सिर्फ इतना ही कहा कि साहब, कम से कम सजा दी जाए।
सजा सुनाए जाने से पहले पसरा सन्नाटा
इसके बाद कुछ पलों के लिए अदालत कक्ष में सन्नाटा पसर गया। जिस प्रेमी जोड़े ने मिलकर एक हंसते-खेता इंसान की जिंदगी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे, वे आज देश के कानून और न्याय के आगे खौफ से कांप रहे थे। तमाम सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को फांसी की सजा मुकर्रर की।


