पथ प्रवाह, देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून में आयोजित दो दिवसीय मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN) ‘अभिव्यक्ति 2.0’ सम्मेलन का गरिमामय वातावरण में सकुशल सम्पन्न हो गया। देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और उपस्थिजनों का मार्गदर्शन किया।

सम्मेलन में डीएवी देहरादून सहित विभिन्न विद्यालयों के कुल 161 प्रतिभागियों ने उत्साह, अनुशासन और गंभीरता के साथ सहभागिता की। वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए छह समितियों का गठन किया गया, जिनका संचालन अनुभवी पदाधिकारियों द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया।

इन समितियों में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की अध्यक्ष वेदिका थापा, संयुक्त राष्ट्र महिला स्थिति आयोग (UNCSW) की अध्यक्ष वैदेही गौर, अखिल भारतीय राजनीतिक दल बैठक (AIPPM) की मॉडरेटर गुलरीन विर्क, लोकसभा के अध्यक्ष एडवोकेट अभिषेक भार्गव तथा उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष एडवोकेट वंश माहेश्वरी रहे। वहीं अंतर्राष्ट्रीय प्रेस (IP) के प्रधान संपादक की जिम्मेदारी श्रीश रौथाण ने निभाई।

दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा, कार्यपालिका की जवाबदेही, अंतर-सरकारी समन्वय, सांस्कृतिक संप्रभुता, मानव तस्करी उन्मूलन तथा उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तर्कपूर्ण चर्चा की और समाधान भी प्रस्तुत किए। इस मंच ने विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने, नेतृत्व क्षमता निखारने और प्रभावी संवाद कौशल सीखने का अवसर प्रदान किया।

समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को बेस्ट डेलीगेट, हाई कमेंडेशन, स्पेशल मेंशन एवं ऑनरेबल मेंशन जैसी श्रेणियों में सम्मानित किया गया। साथ ही पत्रकारिता, फोटोग्राफी, व्यंग्यचित्रण और ‘डीएवी राइजिंग स्टार’ श्रेणियों में भी प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया। डीबीएस स्कूल, ऋषिकेश को ओवरऑल विनर ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से मेजबान विद्यालय डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून के प्रतिभागियों को मुख्य पुरस्कार प्रतिस्पर्धा से अलग रखा गया। हालांकि उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए।

मुख्य अतिथि मेयर सौरभ थपलियाल ने अपने संबोधन में आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने हरेला पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण के तहत एक लाख पौधारोपण के लक्ष्य की पूर्ति की जानकारी दी तथा युवाओं से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, शिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए युवाओं से जिम्मेदारी और विवेक के साथ अपने विचार व्यक्त करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का औपचारिक समापन छात्र ऋषभ रावत द्वारा किया गया, जिसके उपरांत डीएवी गान के सामूहिक गायन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।




