11 अगस्त को शिवरात्रि के मुख्य पर्व तक मार्ग डायवर्जन, भारी वाहनों पर प्रतिबंध, कांवड़ वाहनों और बसों के लिए अलग व्यवस्था
पथ प्रवाह, हरिद्वार।
श्रावण मास और कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने विस्तृत यातायात योजना जारी कर दिया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान अवश्य देखें। श्रावण मास 28 जुलाई से शुरू हो चुका है, जबकि 11 अगस्त को शिवरात्रि का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। इस अवधि में विभिन्न मार्गों पर रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था लागू रहेगी।
पुलिस के अनुसार सामान्य दिनों में हरिद्वार आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग बनाए गए हैं, जबकि दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, पंजाब, हरियाणा, मुरादाबाद, बिजनौर, नजीबाबाद, देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले कांवड़ वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
रोडवेज और निजी बसों के संचालन के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाली बसों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक भेजा जाएगा, जबकि देहरादून और ऋषिकेश से आने वाली बसों के लिए मोतीचूर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
भारी वाहनों पर भी चरणबद्ध प्रतिबंध लगाया गया है। 5/6 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं ताकि यात्रा सुचारु रूप से जारी रह सके।
पैदल कांवड़ियों के लिए भी अलग रूट तय किए गए हैं। हर की पैड़ी से दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, नजीबाबाद, मुरादाबाद, देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से ही आवागमन करना होगा।
हरिद्वार पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित रूट का ही उपयोग करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
सामान्य दिनों में हरिद्वार आने वाले वाहनों के प्रमुख मार्ग
हरिद्वार आने वाले सामान्य वाहनों के लिए विभिन्न राज्यों से आने वाले मार्ग निर्धारित किए गए हैं—
- दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मंगलौर होते हुए हरिद्वार
- हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, सहारनपुर से मण्डावर, सालियर चौक, बढ़ेड़ी राजपुतान होते हुए हरिद्वार
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे से मण्डावर व सालियर चौक मार्ग
- देहरादून-ऋषिकेश से नेपाली तिराहा व रायवाला मार्ग
- नैनीताल, नजीबाबाद से श्यामपुर होकर हरिद्वार
कांवड़ वाहनों के लिए विशेष रूट व पार्किंग व्यवस्था
कांवड़ वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं—
- सहारनपुर की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन मण्डावर से अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर होते हुए बैरागी कैम्प पार्किंग तक जाएंगे
- अधिक दबाव की स्थिति में दिल्ली-Meerut मार्ग से आने वाले वाहन रामपुर तिराहा से डायवर्ट किए जाएंगे
- मुरादाबाद, बिजनौर, नजीबाबाद से आने वाले वाहन चिडियापुर व गैन्डीखाता से होते हुए गौरीशंकर व नीलधारा पार्किंग में लगाए जाएंगे
- देहरादून-ऋषिकेश से आने वाले वाहन नेपाली तिराहा, सप्तऋषि, दूधाधारी फ्लाईओवर होते हुए लालजीवाला पार्किंग पहुंचेंगे
महत्वपूर्ण: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे कांवड़ वाहनों के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
बसों के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान
रोडवेज बसें:
- देहरादून/ऋषिकेश से आने वाली बसें मोतीचूर पार्किंग तक सीमित रहेंगी
- दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से आने वाली बसें एक्सप्रेस वे से ऋषिकुल मैदान तक संचालित होंगी
- नजीबाबाद रूट की बसें नीलधारा/गौरीशंकर पार्किंग में रोकी जाएंगी
प्राइवेट बसें:
- देहरादून-ऋषिकेश से आने वाली बसें मोतीचूर पार्किंग में
- दिल्ली व अन्य राज्यों से आने वाली बसें बैरागी कैम्प पार्किंग में
- नजीबाबाद रूट की बसें नीलधारा/गौरीशंकर पार्किंग में पार्क होंगी
भारी वाहनों पर प्रतिबंध
- 29/30 जुलाई से 11 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश नियंत्रित रहेगा
- 5/6 अगस्त से 11 अगस्त तक भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे
- प्रारंभिक दिनों में रात 12 से सुबह 4 बजे तक ही अनुमति होगी
चारधाम यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्ग
- केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने वाले वाहन मेरठ, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर मार्ग से जाएंगे
- गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रियों को एक्सप्रेस वे का उपयोग करने की सलाह
पैदल कांवड़ यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था
- हर की पैड़ी से रोडीबेलवाला, सिंहद्वार, बहादराबाद नहर पटरी मार्ग
- नजीबाबाद/मुरादाबाद मार्ग के लिए सीसीआर चौक से 4.2 तिरछा पुल मार्ग
- देहरादून/ऋषिकेश मार्ग के लिए भीमगौड़ा, खड़खड़ी, दूधाधारी होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग
पुलिस की अपील
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कांवड़ मेला अवधि में यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान का अवलोकन अवश्य करें और निर्धारित रूट का ही पालन करें, जिससे जाम और असुविधा से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बहुस्तरीय यातायात योजना लागू की है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से ही यह विशाल आयोजन सफल हो सकेगा।




