छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने के मामले में शिक्षक बरी










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न्यूज 127, हरिद्वार
छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने और यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे पन्नालाल भल्ला म्यूनिसिपल इंटर कॉलेज के प्रवक्ता सुनील कुमार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया। करीब चार वर्ष चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोप साबित नहीं होने पर वाद का निस्तारण कर दिया।

शनिवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान सुनील कुमार ने बताया कि वर्ष 2021-22 में कॉलेज की एक पूर्व छात्रा ने उन पर अश्लील मैसेज भेजने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य को शिकायत दी थी। प्रधानाचार्य ओपी गौनियाल ने शिकायत तत्कालीन विद्यालय प्रबंधक एवं नगर निगम आयुक्त दयानंद सरस्वती को सौंप दी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन ने जांच समिति गठित कर बिना उनका पक्ष और छात्रा के बयान लिए राजनीतिक दबाव में उन्हें निलंबित कर दिया तथा हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि, बाद में नगर निगम द्वारा गठित जांच समिति की जांच में आरोप सही नहीं पाए जाने पर उनका निलंबन समाप्त कर उन्हें पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया।

सुनील कुमार ने दावा किया कि पूरा मामला पैसों के लेनदेन से जुड़ा था। उनके अनुसार छात्रा ने अपनी मां की बीमारी के लिए उनसे चार हजार रुपये लिए थे, जिनमें से दो हजार रुपये वापस कर दिए थे। कक्षा 12 की परीक्षा में छात्रा के फेल होने के बाद वह टीसी लेने कॉलेज पहुंची थी। इस दौरान बकाया रकम वापस मांगने पर उनके खिलाफ षड्यंत्र के तहत शिकायत दर्ज कराई गई।

उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चार साल चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका। इसके बाद अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

शिक्षक सुनील कुमार ने न्यायालय के फैसले पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले मुकदमे के कारण उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।