SSP नवनीत भुल्लर के सख्त निर्देश, शवों की जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था करें कड़ी










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न्यूज 127, हरिद्वार।
“लावारिस शवों के मामलों को कतई हल्के में न लिया जाए। कई बार ऐसे मामलों के पीछे गंभीर अपराध छिपे होते हैं। मृतक की शिनाख्त के साथ-साथ घटना की तह तक पहुंचने के लिए सीमावर्ती जनपदों और राज्यों से समन्वय स्थापित कर हर संभव जानकारी जुटाई जाए।” यह निर्देश एसएसपी नवनीत भुल्लर ने माह जुलाई की अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान जनपद के पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को दिए।

पुलिस कार्यालय रोशनाबाद स्थित सभागार में आयोजित अपराध गोष्ठी में एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय सिंह, एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल सहित जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे। सैनिक सम्मेलन के बाद आयोजित गोष्ठी में एसएसपी ने बीते माह घटित अपराधों, उनके अनावरण, लंबित विवेचनाओं तथा मुख्यालय और जनपद स्तर पर संचालित अभियानों की बिंदुवार समीक्षा की।

लंबित विवेचनाओं पर मांगी 15 दिन में रिपोर्ट

एसएसपी ने वर्ष 2023, 2024 और 2025 की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश सीओ को दिए। रिपोर्ट में विवेचनाओं के लंबित रहने के कारण और उनके निस्तारण में आ रही कठिनाइयों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया है। इन मामलों की आगामी अगस्त माह की अपराध गोष्ठी में पुनः समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने थाना एवं कोतवाली प्रभारियों को उपलब्ध पुलिस बल को उनकी क्षमता और जिम्मेदारी के अनुरूप अलग-अलग दायित्व सौंपने तथा निर्धारित समयावधि में उनके कार्यों का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए, ताकि पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन में सुधार अथवा गिरावट की स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आ सके।

त्योहारी सीजन में बाजार और वित्तीय संस्थानों की बढ़ाएं सुरक्षा

आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ लूट, डकैती और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में बाजारों और वित्तीय प्रतिष्ठानों में पुलिस सक्रियता बढ़ाई जाए।

उन्होंने बैंक अधिकारियों और सर्राफा व्यापारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता तथा अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी पुलिस गश्त बढ़ाने को कहा गया।

ऑनलाइन शिकायतों को भी गंभीरता से लें पुलिसकर्मी

एसएसपी ने ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार पीड़ित व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से थाने पहुंचकर अपनी समस्या बताने में सक्षम नहीं होता और ऑनलाइन माध्यम का सहारा लेता है। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक सहायता और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

रात्रि गश्त में किसी तरह की ढिलाई नहीं

सभी थाना प्रभारियों को रात्रि गश्त की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए एसएसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को स्पष्ट ब्रीफिंग के बाद समय से गश्त के लिए रवाना किया जाए। रात्रि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि गश्त टीमें अपने निर्धारित क्षेत्र और ड्यूटी के प्रति पूरी तरह सजग रहें तथा उनकी गतिविधियों की प्रभावी निगरानी हो।

वैज्ञानिक साक्ष्यों का अध्ययन कर ही दाखिल करें चार्जशीट

गंभीर आपराधिक मामलों की विवेचना को लेकर एसएसपी ने विवेचकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर प्रकरण में न्यायालय में चार्जशीट अथवा फाइनल रिपोर्ट भेजने से पहले वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विधिवत अध्ययन कर लिया जाए, ताकि विवेचना में कोई कमी न रह जाए और पीड़ित को न्याय दिलाने में पुलिस की भूमिका प्रभावी एवं मजबूत हो।

एसएसपी नवनीत भुल्लर ने कहा कि “अपराध समीक्षा के दौरान सभी थाना प्रभारियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी प्राथमिकता समाज को सुरक्षित बनाना, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम नागरिक में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना है।”