न्यूज 127, देहरादून।
हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित समारोह में साहित्यकारों, लेखकों, भाषाविदों, विद्यार्थियों और हिंदी प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में हिंदी को पुस्तकों और कक्षाओं तक सीमित न रखकर विज्ञान, तकनीक, शोध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल दुनिया की मजबूत भाषा बनाना होगा। युवाओं से नई तकनीक और अन्य भाषाएं सीखने के साथ हिंदी एवं मातृभाषा पर गर्व बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, भोटिया, थारू और बंगाणी जैसी लोकभाषाएं उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। राज्य सरकार इनके संरक्षण और साहित्यकारों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर साहित्यिक एवं रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताओं के 126 विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।








