न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की कार्यप्रणाली को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों निगमों की वर्तमान वित्तीय स्थिति, लंबित देनदारियों, वित्तीय चुनौतियों और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक के दौरान सीएम धामी ने सरकारी विभागों पर बकाया विद्युत बिलों के भुगतान में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। जानकारी दी गई कि 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न सरकारी विभागों पर लगभग 539.61 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन लंबित देनदारियों के समयबद्ध भुगतान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष करीब 166 करोड़ रुपये की शेष राशि उपाकालि (UPCL) को तत्काल अवमुक्त करने के निर्देश दिए ताकि विकास कार्यों में तेजी आ सके।
केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के पहले चरण के तहत सभी सरकारी कार्यालयों और भवनों में लगे स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने को कहा गया। इसके लिए जरूरी बजट आवंटन, प्रशिक्षण और अन्य व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के साथ परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विभाजन, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, आपदा कार्यों के भुगतान, और शीतकालीन अवधि में प्रदेशभर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निगम अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए ठोस कदम उठाएं। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु व मीनाक्षी सुंदरम सहित ऊर्जा निगम और शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


