गोरखा समाज अदम्य शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक: सीएम पुष्कर सिंह धामी




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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में वीर गोरखा कल्याण समिति द्वारा आयोजित ‘गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026’ में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने गोरखा समाज के लोगों को दशैं और दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महोत्सव गोरखा समाज की गौरवशाली संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और सामाजिक एकजुटता का एक अनूठा प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशैं का पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है, जबकि दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। ये दोनों पर्व समाज को न्याय, सदाचार, प्रेम और आपसी सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। गोरखा समाज की वीरता और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस समाज का इतिहास अदम्य शौर्य, त्याग और बलिदान की गौरवशाली गाथाओं से भरा है। देश की सीमाओं की रक्षा में गोरखा वीरों ने सदैव अद्वितीय साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया है। उनका आदर्श वाक्य “कायर हुनुभन्दा मर्नु राम्रो” संपूर्ण देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

उत्तराखंड के विकास में गोरखा समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि शिक्षा, खेलकूद, कला, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में इस समाज ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। भारत और नेपाल के पारंपरिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह गहरे सांस्कृतिक, सामाजिक और ‘रोटी-बेटी’ के आत्मीय संबंधों पर आधारित हैं।

राज्य सरकार द्वारा गोरखा संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में नेपाली भाषा के अध्ययन के लिए डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, नेपाली अकादमी को उत्तराखंड भाषा संस्थान के दायरे में लाने की पहल भी की गई है।

इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और समान नागरिक संहिता जैसे ऐतिहासिक कदमों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित वीर गोरखा कल्याण समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।