शोभित विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति के हाथों उपाधियां पाकर खुश हुए छात्र




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न्यूज 127.
शोभित विश्वविद्यालय के प्रांगण में 15वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दीक्षांत समारोह के अध्यक्ष कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेन्द्र, सम्माननीय मुख्य अतिथि भारत के चौदहवें राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द और उनकी धर्मपत्नी सविता कोविन्द, विशिष्ट अतिथि डॉ0 ब्रेन ओ डोनेल, जैक सिम ज्यूक वाह, नाईस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ0 शोभित कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इसके पश्चात, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार त्यागी ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं को दीक्षा की शपथ दिलाई। दीक्षांत समारोह के दौरान रामनाथ कोविंद ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले 39 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए, जिनमें 15 छात्र और 24 छात्राएं शामिल रहीं। इस अवसर पर पीएचडी के 98 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई, जिसमें 39 छात्र और 59 छात्राएं शामिल हैं। साथ ही, 638 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को भी डिग्री प्रदान की गई, जिनमें 393 छात्र और 245 छात्राएं शामिल रहीं।

दीक्षांत समारोह में शोभित विश्वविद्यालय द्वारा विशिष्ट अतिथि जैक सिम, वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गेनाइजेशन, सिंगापुर के संस्थापक, को सैनिटाइजेशन के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य हेतु “डॉक्टर ऑफ लिटरेचर” एवम ब्रायन ओ ‘डोनिल, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सेंटर फॉर पेवमेंट एक्सीलेंस, एशिया पेसिफिक लिमिटेड, ऑस्ट्रेलिया को अपशिष्ट से ऊर्जा और सड़क स्थिरीकरण के क्षेत्र में किए गए विशिष्ट कार्य हेतु “डॉक्टर ऑफ साइंस” की मानद उपाधि मुख्य अतिथि राम नाथ कोविन्द के द्वारा प्रदान की गई।

विशिष्ट अतिथियों ने उपाधि ग्रहण करने के पश्चात स्वीकृति संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय को यह सम्मान देने के लिए अपना धन्यवाद प्रेषित किया। विशिष्ट अतिथि जैक सिम, वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गेनाइजेशन, सिंगापुर के संस्थापक ने कहां कि अपने आप को खुश रखो। परिवार को खुश रखो। अपने बड़ों का सम्मान करो। विभिन्न प्रकार के शोध करो। अपने आपको हमेशा चैलेंजिंग रहिए। ब्रायन ओ’डोनिल ने भी विश्विद्यालय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमेशा कुछ करते रहना चाहिए, डिस्कवर योर लाइफ, आपकी लाइफ का उद्देश्य क्या है ये जान ने की कोशिश करो तभी आगे बढ़ सकते हो और अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते हो।

मुख्य अतिथि रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम बहुत ही महत्वपूर्ण सम्मेलन में समन्नित हुए है। आप सभी के बीच शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है, उन्होंने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आपकी यह सफलता सामूहिक प्रयास का नतीजा है। 39 स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालो में से 24 हमारी बेटियो ने प्राप्त किए हैं ये जान कर बहुत गर्व हुआ, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहिए तभी देश को आगे बढ़ा सकते है। आज हमारी बेटियां हैं कदम में आगे एच चाहे वो नेवी हो या आर्मी हो, नेवी के क्षेत्र में महिला आगे बढ़ रही है। पहले जहां ये भागीदारी सिर्फ 5% थी अब वो बढ़ कर 10% बेटियो की भागीदारी हो गई है।
उन्होंने मेरठ के विषय में कहा कि मेरठ की विरासत अनूठी है, 1857 में ब्रिटिश शासन काम में ही पहला स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था वो मेरठ की ही सरजमीं थी। उन्होंने शोभित विश्विद्यालय के 15वे दीक्षांत समारोह में श्री जैक सिम जी और ब्रेन ओ डोनेल जी को उनके महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए मानद प्राप्त करने पर हार्दिक आभार जताया।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, सविता कोविन्द एवम स्वाति कोविन्द का आभार प्रकट किया, और पूर्व राष्ट्रपति जी को अपना मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि आज मैं न सिर्फ गर्वित हूं बल्कि सम्मानित हूं और अभिभूत हूं। सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उन्होंने कहा कि आज जब आपकी दीक्षा का अंत होने जा रहा है तो आज पूर्व राष्ट्रपति जी को उपस्थिति से अच्छा क्या हो सकता है, शिक्षा के द्वारा आत्मबल और आत्मविश्वास बढ़ता है इसलिए 24 घंटे कुछ नया करने की इच्छा साथ रखो। उन्होंने कहा कि की में सभी का धन्यवाद और साधुवाद करता हूं, क्योंकि जब बालक छोटा होता है तब वो अनेक सपने देखता है और उन सपनों को साकार कराने का काम आप सभी के अभिभावक करते है, मैं सभी अभिभावकों को भी धन्यवाद और साधुवाद करता हूं। उन्होंने कहा आज विशिष्ट उपाधि प्राप्तकर्ता जैक सिम और डॉ0 ब्रेन ओ डोनेल जी को बधाई दी। कुलाधिपति ने बताया कि शिक्षा नवीन विचारो को जन्म देती है शिक्षा सीखने और सीखने का कार्य करती हैं इसलिए शिक्षा रुकनी नही चाहिए। आपका दिल जो चाहे वो करें उसे अपना जुनून बना लें फिर सफलता आपके कदमों में होगी। अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहें उसे कभी ना भूलें। आगे बढ़ें, ठहराव जिंदगी को रोकता है, ठहरो मत आगे बढ़ो। राष्ट्र को समर्पित बनने की कोशिश करें, फ्लेक्सिबिलिटी और एक्सेप्टिबिलि को साथ लेकर चले। समारोह के अंत में, विश्वविद्यालय के संरक्षक एवं नाइस सोसायटी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. शोभित कुमार जी ने मुख्य अतिथि श्री रामनाथ कोविंद जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इन लोगो को मिला स्वर्ण पदक: समीर, सिद्धार्थ शर्मा, सर्वेश कुमार सुमन, तनिषा अग्रवाल, छवि किरण गुप्ता, अनिशा कुमारी, दलजीत कौर, तनिष्क चंद्रा, जयतोश कुमार, विकास कुमार, अमीषा विश्नोई, मानवी, लवली रुहेला, विशाखा गोस्वामी, श्रृष्टि शर्मा, निशा रानी, याशी कोहरवाल, भानु दत्त, अंजली श्रीवास्तव, आशिमा शर्मा, श्रेया बावेजा, एकांश जुनेजा, ऋतु जैन, अनन्या शर्मा, विभा गुप्ता, राधिका शर्मा, सोहित कुमार, नैंसी करनवाल, कशिश सक्सैना, धीरज पंडित, यशिका शर्मा, रूबी, यश वर्मा, टीना रानी, चेतना त्यागी, रमा कांत, बिनाया भूषण मेहर, शेखर, और रविकांत सरल।

इन लोगो को मिली पीएचडी की उपाधि: मैथमेटिक्स में सानिध्य दुबे, शमशाद हुसैन, देवेंद्र कुमार, रीना अग्रवाल, फिजिक्स में संजीव कुमार जैन,एनवायरनमेंटल साइंस में मूवीन कुमार और अफीफा खान, इंग्लिश में निशा, बायोटेक्नोलॉजी में रिन्नी शेरावत, छवि गोयल, ज्योत्सना कुशवाहा, माइक्रोबायोलॉजी में ज्योत्सना सिंह, हिरानी, प्रिया, राजेश मिश्रा, अमित बंगा, रजनी, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में अब्दुल्हकिम उमर तारो, फूड टेक्नोलॉजी में अनुराग, शिखा शर्मा, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रदीप कुमार, उत्कर्ष पुंडीर, शुभम कुमार, आशीष दीक्षित, हिमांशु, दीप्ति वार्ष्णेय, हर्ष, सुषमा मलिक, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में अनुभव कुमार, नवनीत शर्मा, पंकज झा,नेहा जैन, मैनेजमेंट में आकृति धीमान,रवीना प्रधान, आकर्ष अग्रवाल,गौरव सिसोदिया, विकास त्यागी, मनीष रंजन, स्वेता गौर, उपदेश गुप्ता, उपासना गुप्ता, अशोक सहाय, नितिन सिंह तोमर, हिलाल अली, महेश चंद्र शर्मा, सुनील कुमार चौबे, मोनिका शर्मा, रितु अग्रवाल, साइकोलॉजी में दीपशिखा टोंक, बाजीराव पाटिल, वर्तिका विश्नोई, पल्लवी रस्तोगी,आयुषी गुप्ता जय शुक्ला, लॉ में नरेंद्र कुमार अरोड़ा, पूनम त्यागी, विनीत कुमार मलिक, रविन्द्र सैनी, पल्लवी शर्मा, ह्रदय वीर, अंजुम सक्सेना, शुभम शर्मा, एजुकेशन में शिल्पी गुप्ता, मीतू गर्ग, नीलम सिंह,भावना गुप्ता, मंजू, सुशील कुमार, नीरू सिंह, श्वेता शर्मा।

उपाधियां प्राप्त करके क्या बोले छात्र: एलएलबी में स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ता बिनाया भूषण मेहर ने कहा कि मैंने यहां से सफलता पूर्वक एल एल बी पूरा किया है और वर्तमान में मैं यहां से एल एल एम भी कर रहा हूं। शोभित विश्वविद्यालय में सीखने के लिए बहुत अच्छा वातावरण है, विश्विद्यालय गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराता है, और छात्रों को नए विकल्प उपलब्ध कराने से मदद करता है। बीएएएलएलबी की कनिष्का त्यागी ने कहा कि, मेरा अनुभव शोभित विश्विद्यालय और लॉ डिपार्टमेंट के विषय में बहुत ही शानदार है, जब हम बुनियादी ढांचे की बात करते हैं तो यह बहुत अच्छा है।
बीबीएएलएलबी की छात्रा प्रेरणा गर्ग का कहना है कि, मेरे विभाग के सभी शिक्षक बहुत मददगार और अनुभवी हैं,लगभग सभी शिक्षक पीएचडी धारक हैं और उनकी अपने विषय में विशेष पकड़ है, शोभित विश्वविद्यालय अलग-अलग शिक्षण विधियों को लागू करता है मुझे यहां से बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे सभी शिक्षक बहुत मददगार हैं और मेरा अनुभव अद्भुत है। योग में डिप्लोमा प्राप्तकर्ता निशा राणा ने बताया मैं विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रबंधन तथा संकाय सदस्यों को उनके निरंतर समर्थन एवं पूर्ण सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहती हूँ। मैनेजमेंट में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर कर्नल उपदेश कुमार ने भी शोभित विश्विद्यालय को उच्च शिक्षा संस्थान में सबसे अच्छा विश्विद्यालय कहा। मैनेजमेंट में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के पश्चात अशोक कुमार सहाय ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है, विश्विद्यालय से बहुत कुछ सीखने को मिला सभी शिक्षकगण अनुभवी और सहायता करने वाले है, मैं आभारी हूं शोभित विश्विद्यालय का। दीक्षांत समारोह के अंत में सभी अतिथियों एवं छात्रों द्वारा खड़े होकर राष्ट्रगान कर कार्यक्रम का समापन किया गया



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