न्यूज 127, हरिद्वार।
श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन में शुक्रवार को संतों की पावन उपस्थिति में महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज ने ध्वज दिखाकर भव्य दंडवत यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दंडवत यात्रा आस्था, अनुशासन, साधना और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यात्रा में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं और साधकों ने उत्साह एवं श्रद्धा के साथ प्रतिभाग किया।
मिश्री मठ के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज ने कहा कि दंडवत यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना जागृत करने और नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम है। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि दंडवत यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ को दिव्य एवं भव्य बनाने, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और धर्म के प्रति जनजागरण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ मानवता को रोग, शोक, भय, भ्रम और नशे से मुक्त करने का संदेश देना भी है। इसके साथ ही मां गंगा को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का संकल्प भी यात्रा से जुड़ा है।
श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के अध्यक्ष श्रीमहंत धुनी दास महाराज ने कहा कि दंडवत यात्रा आगामी कुंभ को दिव्य एवं भव्य बनाने और सनातन संस्कृति का विश्वभर में प्रचार-प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कोठारी महंत नितिन दास महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन का गौरव हैं। वह अपनी मंत्र साधना के माध्यम से पीड़ित मानवता को कष्टों से मुक्ति दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
दंडवत यात्रा के शुभारंभ अवसर पर श्रीमहंत धुनी दास महाराज, कोठारी महंत नितिन दास, स्वामी दुर्गेशानंद सरस्वती, सुतीक्ष्ण मुनि, स्वामी हंसानंद सरस्वती, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी बुध मुनि, संत गुरमीत सिंह, संस्था के प्रबंधक डॉ. उमेश सचान, अनिरुद्ध भाटी, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पार्षद राजेश शर्मा, सचिन कुमार, दीपक शर्मा, गोस्वामी गगनदीप दत्त, डॉ. विशाल गर्ग और अनिरुद्ध शर्मा सहित सैकड़ों गणमान्यजन एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दंडवत यात्रा के साथ महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर जी महाराज के आश्रम पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने गुलाब के फूलों की वर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान यात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं को जलपान और पेयजल भी वितरित किया गया।
इस अवसर पर महंत स्वामी दुर्गेशानंद सरस्वती ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज सनातन संस्कृति के सच्चे संवाहक हैं। उनके नेतृत्व में तीर्थनगरी हरिद्वार में हजारों साधक मंत्र साधना और तपस्या में जुटे हैं। दंडवत यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसमूह अपने आप में अनूठा दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। जिस प्रकार कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ता है, उसी प्रकार इस यात्रा में देश-विदेश से आए श्रद्धालु और साधक राष्ट्रीय एकता का संदेश दे रहे हैं। श्रद्धालु निरंतर ईश्वर का स्मरण करते हुए अपने गुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं।
संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज देश-दुनिया में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ पाखंड और अंधविश्वास के उन्मूलन, मंत्र साधना, योग एवं सत्संग के माध्यम से मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दंडवत यात्रा के साथ गंगा सेवा को जोड़कर उनके शिष्य मां गंगा के प्रति समर्पण और स्वच्छता का संदेश भी दे रहे हैं। यह अभियान गंगा के प्रति प्रत्येक व्यक्ति के कर्तव्यों का बोध कराता है।
स्वामी हंसानंद सरस्वती ने कहा कि पूर्ण गुरु स्वामी करौली शंकर जी महाराज ने हरिद्वार में सेवा और साधना का नया स्वरूप प्रस्तुत किया है। दंडवत यात्रा के साथ गंगा स्वच्छता अभियान को जोड़कर उन्होंने मां गंगा के प्रति भक्ति और समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
स्वागत कार्यक्रम में आश्रम प्रबंधक एसके मिश्रा, संजय वर्मा, पुजारी पवन सेमवाल, मिथिलेश मिश्रा, महेंद्र चौधरी, अर्पित मिश्रा, दिव्यम यादव, प्रमोद गिरी, मयंक, प्रियंक, बिट्टू, ओंकार, अमित मिश्रा, विशाल गोस्वामी, राघव ठाकुर, शैलेन्द्र गोदियाल, तनवीर, गुनीत खुराना, विशाल गुप्ता, सचिन शर्मा, गोस्वामी गगनदीप दत्त, आयुष, अंकुर राजपूत और गोपी सैनी सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।


