कुंभ की दिव्यता, राष्ट्र की एकता और मां गंगा की निर्मलता के लिए महामंडलेश्वर शंकर करौली महादेव ने किया रुद्राभिषेक




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न्यूज 127, हरिद्वार।
आगामी कुंभ मेला दिव्य एवं भव्य स्वरूप में संपन्न होने, राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि तथा मां गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता के संकल्प के साथ निकाली जा रही दण्डवत यात्रा की सफलता की कामना को लेकर नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक श्री श्री 1008 शंकर करौली महादेव महाराज ने शुक्रवार को कनखल स्थित पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महामंडलेश्वर ने भगवान भोलेनाथ का जल, दुग्ध एवं विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक समरसता और सनातन धर्म की प्रतिष्ठा की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और देश में सुख, शांति एवं समृद्धि का वातावरण बना रहे।

रुद्राभिषेक के उपरांत महामंडलेश्वर शंकर करौली महादेव महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना लोककल्याण और विश्व शांति का संदेश देती है। भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक विरासत से है। इन गौरवशाली परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन प्रत्येक सनातनी का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्रभक्ति और शक्ति दोनों क्षेत्रों में सशक्त बने। राष्ट्र की एकता और अखंडता अक्षुण्ण रहे तथा भारतीय सनातन धर्म और संस्कृति की पताका विश्वभर में लहराती रहे। इसके लिए संत समाज को धर्म, संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

मां गंगा की निर्मलता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भारतीय सभ्यता की जीवनधारा हैं। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। सभी को मां गंगा के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उन्हें स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए।

आगामी कुंभ मेले के संबंध में उन्होंने कहा कि कुंभ सनातन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपरा और संत-महात्माओं के समागम का विश्वविख्यात पर्व है। कुंभ का आयोजन दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित हो तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति के भव्य स्वरूप के दर्शन हों, यही भगवान भोलेनाथ से उनकी प्रार्थना है।

इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से सनातन धर्म, संस्कृति, राष्ट्र की एकता और मां गंगा की निर्मलता के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। रुद्राभिषेक विद्वान आचार्यों ने विधि-विधान से संपन्न कराया। इस दौरान संस्था के प्रबंधक डॉ. उमेश सचान, कोठारी महंत नितिन दास, अनिरुद्ध भाटी एवं अनिरुद्ध शर्मा उपस्थित रहे.