डीएम मयूर दीक्षित ने जारी किए आदेश, हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 गांवों के भू-स्वामियों को मिलेगी राहत
न्यूज 127, हरिद्वार। पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334ए के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य से प्रभावित 23 गांवों में भूमि की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक में आंशिक छूट दे दी गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आदेश जारी कर अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित भूमि के खसरा नंबरों को छोड़कर शेष भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री-बैनामा और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी है।
जिलाधिकारी की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, इससे पहले सात जुलाई 2026 को तहसील हरिद्वार और लक्सर के अंतर्गत आने वाले 23 गांवों की भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री-बैनामा और भूमि की प्रकृति में बदलाव पर रोक लगाई गई थी। यह रोक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण एवं निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के मद्देनजर लगाई गई थी।
आदेश में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 के तहत परियोजना से संबंधित 23 गांवों में अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के संबंध में धारा 3ए का गजट नोटिफिकेशन तीन सितंबर 2026 को जारी हुआ था, जिसका प्रकाशन समाचार पत्रों में 20 सितंबर को किया गया।
इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग देहरादून के अधिशासी अभियंता ने 21 अक्टूबर को पत्र भेजकर भूमि की खरीद-फरोख्त और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर लगाई गई रोक हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया था। विभाग का कहना था कि इससे राजस्व की हानि रोकने के साथ भू-स्वामियों को भी राहत मिल सकेगी।
डीएम ने इसी क्रम में स्पष्ट किया है कि धारा 3ए के गजट प्रकाशन में शामिल अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित खसरा नंबरों को रोक के दायरे में रखा जाएगा, जबकि शेष खसरा नंबरों की भूमि पर खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन की अनुमति होगी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी हरिद्वार एवं लक्सर तथा उपनिबंधक हरिद्वार एवं लक्सर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।



