न्यूज 127, नई दिल्ली।
उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों को लेकर लोकसभा में हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने लिखित उत्तर में बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत उत्तराखंड में कुल 70,556 महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सहायता प्रदान की जा रही है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा में 6,968, बागेश्वर में 3,171, चमोली में 6,362, चंपावत में 2,585, देहरादून में 4,246, हरिद्वार में 6,039, नैनीताल में 5,440, पौड़ी गढ़वाल में 7,457, पिथौरागढ़ में 5,320, रुद्रप्रयाग में 2,754, टिहरी गढ़वाल में 6,567, ऊधमसिंह नगर में 8,033 और उत्तरकाशी में 5,614 महिला स्वयं सहायता समूह शामिल हैं।
हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में 6,039 महिला SHG DAY-NRLM के माध्यम से सहायता प्राप्त कर रहे हैं। ये समूह ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने के साथ उन्हें आजीविका, वित्तीय सेवाओं, कौशल विकास, ऋण और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार महिला समूहों की आय और आजीविका बढ़ाने के लिए स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (SVEP), महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (MKSP), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY), ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) और आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनके माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों, वित्तीय सहायता और उद्यम विकास से जोड़ा जा रहा है।
SHG उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘सरस’, ‘सरस आजीविका’ और ‘आजीविका’ ब्रांड के तहत राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, राज्य और जिला स्तर पर मेले तथा विपणन गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही ई-सरस, GeM, ONDC, Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart जैसे डिजिटल एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी SHG उत्पादों को जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार के अनुसार वर्ष 2025 में किए गए स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन में NRLM ब्लॉकों में घरेलू आय में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं परिपक्व सामुदायिक संस्थानों के क्लस्टर में आय में 12 से 33 प्रतिशत तक वृद्धि पाई गई। मूल्यांकन में महिला सशक्तिकरण, आजीविका में विविधता, प्रति व्यक्ति घरेलू खपत और समग्र घरेलू कल्याण में भी सुधार सामने आया।
DAY-NRLM के तहत योजनाओं के प्रभाव और क्रियान्वयन की निगरानी के लिए तीसरे पक्ष का प्रभाव मूल्यांकन, रियल-टाइम MIS आधारित निगरानी, आवधिक डेटा सत्यापन और क्षेत्र स्तर पर सत्यापन की व्यवस्था भी लागू है। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 70,556 महिला स्वयं सहायता समूहों का नेटवर्क और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में 6,039 समूह महिला सशक्तिकरण को आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रमाण हैं। पर्वतीय राज्य में स्वयं सहायता समूह स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य ग्रामीण उद्यमों को बाजार से जोड़कर गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सांसद त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि अब लक्ष्य केवल स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि हर SHG को मजबूत आर्थिक इकाई, हर महिला को उद्यमी और हर गांव को स्थानीय रोजगार का केंद्र बनाना होना चाहिए।
70,556 महिला समूह आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: त्रिवेंद्र


