न्यूज 127, मेरठ (जोजो)।
रविवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे मेरठ का आसमान वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध ‘सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम’ के एयर शो के दूसरे दिन नौ विमानों ने एक साथ गगन में हैरतअंगेज करतब दिखाकर हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हवा में पलक झपकते ही नीचे आते और तेजी से ऊंचाई छूते विमानों ने जब धुएं की लकीरों से आसमान में तिरंगा उकेरा, तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर जब सूर्यकिरण टीम ने विमानों के जरिए दिल की शानदार आकृति बनाई, तो न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारों से सराबोर हो गई।

प्रदेश सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस भव्य एयर शो का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अनुशासन, राष्ट्रनिर्माण और ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ना था, जिसे इस आयोजन ने एक नई ऊर्जा दी।
रोमांच से भरा रहा एयर शो
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो के दूसरे दिन अपार भीड़ दिखी। वायुसेना ने लगभग 30 मिनट तक रोमांच और शौर्य से भरा हवाई प्रदर्शन किया। हर करतब के साथ भारत माता की जय और जय हिंद के नारे वातावरण में गूंजते रहे। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर आए हॉक एमके-132 विमानों ने ऐसा तालमेल दिखाया कि दर्शकों की आंखें कुछ देर के लिए जैसे आसमान पर जम गईं। कई बार दो विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए। कभी विमान तेजी से नीचे आते और उसी रफ्तार में ऊपर उठ जाते तो कभी दो विमान आमने-सामने से क्रास होते हुए नजर आए। यह दृश्य आते ही मैदान में मौजूद लोगों के मुंह से अनायास चीख निकल गई और अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी।

तीन दशक से शौर्य दिखा रही सूर्यकिरण: रक्षा राज्य मंत्री
दूसरे दिन एयरशो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर अपने प्रदर्शन से भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि आसमान में दिखने वाला यह प्रदर्शन केवल रोमांच नहीं, बल्कि साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिनतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलट आसमान में जिस कौशल का प्रदर्शन करते हैं, उससे भारतीय सैन्य शक्ति का एक अलग आयाम सामने आता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरणा देते हैं।

राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। मेरठ क्रांति की धरती है और यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ़ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, सहित समस्त विभागों के अधिकारी, वायुसेना के अधिकारी तथा भारी संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।
दूसरे दिन भी मेरठ के तीन पायलटों का जलवा
सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था। इस दौरान हर कोई विमानों की अठखेलियाँ अपने गैजेट्स में संजोकर रखना चाहता था।


