कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत की पहल पर अल्मोड़ा की ऐतिहासिक धरोहरों का होगा संरक्षण








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अल्मोड़ा
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने अपने अल्मोड़ा भ्रमण के दूसरे दिन जनपद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का स्थलीय निरीक्षण कर उनके संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयुक्त ने सर्वप्रथम राजकीय संग्रहालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित ताम्रपत्रों, प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ सिक्कों एवं प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन करते हुए उनके वैज्ञानिक संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये धरोहरें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका सुरक्षित रख-रखाव भावी पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्राचीन सिक्कों व पांडुलिपियों के संरक्षण पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने विशेष रूप से प्राचीन सिक्कों की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए निर्देशित किया कि उन्हें व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत कर सुरक्षित रूप में संरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों और आगंतुकों को प्रत्येक वस्तु की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।
साथ ही, उन्होंने पांडुलिपियों के दीर्घकालिक संरक्षण हेतु आधुनिक तकनीकों एवं उपयुक्त व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नमी, तापमान और अन्य कारकों से इनका क्षरण न हो।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्वतंत्रता सेनानी एवं भारत रत्न गोविन्द बल्लभ पंत से संबंधित अभिलेखों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि पंत जी का राष्ट्र निर्माण में योगदान अतुलनीय रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है।
मल्ला महल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल
इसके उपरांत आयुक्त ने ऐतिहासिक मल्ला महल का निरीक्षण किया और उसके ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह धरोहर स्थल पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं रखता है। यदि संरक्षण और विकास को सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाया जाए तो यह क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा दे सकता है।
आयुक्त ने विरासत स्थलों के संरक्षण को पर्यटन
विकास से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जनपद की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास को समेकित करते हुए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
अधिकारी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी संजय कुमार, प्रभारी निदेशक राजकीय संग्रहालय डॉ. सीएस चौहान, उप निदेशक पर्यटन प्रकाश सिंह खत्री, वीथिका सहायक जन्मजेय तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि अल्मो
ड़ा की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रशासन गंभीर है तथा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित प्रयास किए जाएंगे।