एनएसएस शिविर में अपशिष्ट प्रबंधन विषयक व्याख्यान, विद्यार्थियों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश








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हरिद्वार
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर स्वयंसेवकों के लिए अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर हिम विलेज ई-प्रहरी से आए अतिथि वक्ता सुमित सिंह ने विद्यार्थियों को वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उनके साथ काउंसलर अतुल मिश्रा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


कार्यक्रम की शुरुआत में सुमित सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस अवॉर्ड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रेरित करने का कार्य करता है।
इसके बाद उन्होंने हिम विलेज ई-प्रहरी की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि “हिम” का अर्थ हिमालय और “विलेज” का अर्थ हिमालय के आसपास बसे गांवों से है। यदि इन गांवों में अपशिष्ट प्रबंधन सही ढंग से किया जाए और स्वच्छता बनाए रखी जाए, तभी हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने हिमालय के पर्यावरणीय महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न रंगों के डस्टबिन के उपयोग के बारे में बताया गया। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार का कचरा किस डस्टबिन में डाला जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर में कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और परिवहन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कचरे को घर या संस्थान स्तर पर ही अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर दिया जाए तो उसके पुनर्चक्रण और निस्तारण की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।
कार्यक्रम को अधिक रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विद्यार्थियों से एक विशेष गतिविधि भी कराई गई, जिसमें प्लास्टिक के स्थान पर उपयोग किए जा सकने वाले वैकल्पिक उत्पादों के बारे में चर्चा की गई। इसके साथ ही स्वयंसेवकों द्वारा वेस्ट सेग्रिगेशन से संबंधित गतिविधि भी कराई गई, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने की जानकारी मिली।
इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी संगीता मदान ने भी विद्यार्थियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के लिए कचरे का सही प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने हिम विलेज ई-प्रहरी से आए अतिथि वक्ता सुमित सिंह तथा काउंसलर अतुल मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए उनके द्वारा साझा की गई महत्वपूर्ण जानकारी के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स तथा इससे संबंधित नीतियों के बारे में भी जानकारी दी गई। अंत में स्वयंसेवकों को समूहों में विभाजित कर अपने आसपास की पर्यावरणीय समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान के साथ एक प्रस्तुति तैयार करने का कार्य दिया गया।
यह सत्र स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।