‘देवभूमि की पहचान बचाने के लिए अपराधियों को मिले त्वरित और कड़ी सजा’: विजय बैरवाण








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News 127, रूद्रप्रयाग।
बागेश्वर में प्रधानाचार्य दयानंद (डी.एन.) टम्टा की हत्या की घटना पर समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधानाचार्य विजय बैरवाण ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं देवभूमि उत्तराखंड की छवि को धूमिल कर रही हैं और पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
विजय बैरवाण ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध लगातार अनुशासनहीनता, अभद्र व्यवहार, हिंसक प्रवृत्ति अथवा जान से मारने की कथित धमकियों जैसी शिकायतें मिल रही थीं, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं त्वरित जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। साथ ही ऐसे गंभीर मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
समाजसेवी सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधानाचार्य विजय बैरवाण ने कहा, “अफ़सोस है कि उत्तराखंड किस दिशा में जा रहा है। देवभूमि की पहचान को कलंकित करने वाली आपराधिक घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उत्तराखंड की शांति, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखना हम सभी उत्तराखंडवासियों का नैतिक दायित्व है। अपराधियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि राज्य की पहचान सुरक्षित रह सके।” उन्होंने यह भी कहा कि इस दुखद घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कार्यस्थलों पर कर्मचारियों के व्यवहार संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेना, समय पर जांच करना तथा आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
विजय बैरवाण ने दिवंगत प्रधानाचार्य दयानंद (डी.एन.) टम्टा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सरकार से मांग की कि मामले में दोषियों को शीघ्र एवं कड़ी कानूनी सजा दिलाई जाए तथा यदि जांच में विभागीय लापरवाही सामने आए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।