श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया डॉ. दुर्गेश आचार्य जी महाराज का अवतरण दिवस








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न्यूज 127, देहरादून।
भानियावाला स्थित अठूरवाला आश्रम में परम पूज्य राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य जी महाराज का पावन अवतरण दिवस गुरु भक्तों द्वारा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रातः 10 बजे से गुरु पूजन, वेद मंत्रोच्चारण, भजन-कीर्तन, सत्संग एवं आशीर्वाद समारोह का शुभारंभ हुआ। दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु महाराज के श्रीचरणों में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर गंगा विश्व शांति सद्भावना समिति, टिहरी गढ़वाल के अध्यक्ष राकेश राणा ने आश्रम पहुँचकर पूज्य गुरुदेव का माल्यार्पण, तिलक एवं मिष्ठान अर्पित कर जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने नई टिहरी जिला मुख्यालय में आगामी माह आयोजित किए जाने वाले आध्यात्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर भी गुरुदेव से विस्तृत चर्चा की तथा उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

पूरे दिन आश्रम में श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहा। गुरु भक्तों ने गुरु पूजन कर अपने जीवन को धर्म, सेवा, संस्कार एवं मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन में कहा कि “मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। यह केवल भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, करुणा, संयम और परोपकार के लिए मिला है। जो व्यक्ति अपने जीवन को लोकमंगल और ईश्वर भक्ति के लिए समर्पित करता है, वही वास्तव में सफल जीवन जीता है।”

विश्व शांति और सामाजिक सद्भाव पर अपने विचार व्यक्त करते हुए गुरुदेव ने कहा—
“विश्व में शांति तब स्थापित होगी जब मनुष्य अपने भीतर प्रेम, करुणा, सहिष्णुता और सेवा का भाव विकसित करेगा। धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। हम सब मिलकर प्रेम, सद्भाव और सेवा का संदेश घर-घर पहुँचाएँ।”

भक्तों को आशीर्वाद देते हुए पूज्य गुरुदेव ने कहा—
“मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी भक्त स्वस्थ, सुखी, समृद्ध और निरोग रहें। आपके जीवन में सदैव सद्बुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक उन्नति और परिवार में सुख-शांति बनी रहे। गुरु कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे और आपका जीवन सेवा, संस्कार एवं सदाचार से आलोकित हो।”

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक प्रार्थना, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने गुरु कृपा से जीवन को धर्म, सेवा और मानवता के मार्ग पर समर्पित करने का संकल्प लिया।