तकनीकी शिक्षा में इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों के बीच गैप कम करें: मुख्य सचिव






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न्यूज 127, देहरादून
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों, फैकल्टी और विद्यार्थियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों और इंडस्ट्री के बीच के गैप को कम करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश की तकनीकी शिक्षा के विकास को लेकर व्यापक रोडमैप तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों से पासआउट होने वाले विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का लाभ दिलाने के लिए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। साथ ही उन्हें मासिक स्टाइपेंड और एकमुश्त जॉइनिंग अनुदान भी दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकें, इसके लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में विदेशी नियोक्ताओं को आमंत्रित किया जाए। इससे विद्यार्थियों को वैश्विक रोजगार बाजार के अनुरूप अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

5-6 स्थानों पर विकसित होंगे तकनीकी शिक्षा हब
मुख्य सचिव ने प्रदेश में 5-6 स्थानों को तकनीकी शिक्षा हब के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन हब में लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल समेत विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने नए प्रोजेक्ट्स के लिए होलिस्टिक प्लान तैयार करने को कहा, जिसमें लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समग्र खाका शामिल हो। पुराने इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों के लिए भी सैचुरेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि अच्छे और व्यवहारिक प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं, फंडिंग की समस्या नहीं होगी।

कॉलेजों को बनाया जाए मजबूत
मुख्य सचिव ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न विभागों को स्टडी और कंसल्टेंसी के लिए बाहरी एजेंसियों की सेवाएं लेनी पड़ती हैं। राज्य में ऐसे मजबूत तकनीकी संस्थान विकसित किए जा सकते हैं, जो सरकारी विभागों को अध्ययन और कंसल्टेंसी सेवाएं उपलब्ध करा सकें।

उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश के तकनीकी कॉलेजों की क्षमताओं को विकसित करने के साथ आवश्यक फैकल्टी की भर्ती पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मजबूत संस्थान तैयार होने से शिक्षा के साथ शोध और कंसल्टेंसी के क्षेत्र में भी उत्तराखंड की क्षमता बढ़ेगी।

बैठक में सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, यूटीयू की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर सहित विभिन्न पॉलीटेक्निक कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।