न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 और युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नई सोच विकसित करने और जीवन की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 11.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और 17.39 करोड़ रुपये की लागत से बने केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। साथ ही दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी मदद मिलेगी।
पुस्तकालय डॉ. अंबेडकर के नाम पर होगा
मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी रेडियो स्टेशन के सफल संचालन के लिए कार्यक्रम समन्वयक और तकनीकी सहायक के दो पद सृजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय को दो इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने दून विश्वविद्यालय में विदेशी भाषा विभागों को सुदृढ़ करने की भी घोषणा की। स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चाइनीज और जापानी भाषाओं के विभागों के लिए आवश्यक पदों का सृजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विभागों के माध्यम से दून विश्वविद्यालय के साथ राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। जिस देश का युवा सपने देखने का साहस, उन्हें पूरा करने का संकल्प और कठिन परिश्रम की क्षमता रखता है, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। भारत की विशाल युवा आबादी विकसित भारत की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं। आज युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि उद्यमिता के माध्यम से रोजगार देने वाला भी बन रहा है।
एआई और आधुनिक तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान युग नवाचार का है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नए महाविद्यालयों और मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियों की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी सरकार आवश्यक सहयोग दे रही है। UPSC, NDA और CDS जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें युवाओं की मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इसी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।
युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का युवा विकास संबंधी विजन केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं। युवाओं को रोजगार की तलाश में अपनी मिट्टी और परिवार से दूर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और नई सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक उपस्थित रहे।


