नन्हें कान्हाओं से सजा DAV देहरादून, कृष्ण भक्ति में डूबा विद्यालय परिसर










Listen to this article

जन्माष्टमी पर मनमोहक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

न्यूज 127, देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल देहरादून में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय परिसर को फूलों, आम एवं अशोक के पत्तों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल स्वरूप, छप्पन भोग तथा राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया।

कृष्ण जयघोष से गूंजा परिसर
फूलों की सुगंध, कपूर की महक, घंटियों की झंकार और कृष्ण जयघोष से विद्यालय का वातावरण भक्तिमय हो उठा। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी राधा और श्रीकृष्ण की वेशभूषा में सजे नजर आए। बाल स्वरूप में सजे इन नन्हे कलाकारों ने पूरे आयोजन में विशेष आकर्षण बिखेरा।

बाल लीलाओं पर थिरके नन्हे कदम
कार्यक्रम में कक्षा एक के विद्यार्थियों ने नृत्य के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनकी चंचलता को जीवंत कर दिया। वहीं कक्षा दो के विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। अभिनय, नृत्य और संगीत के सुंदर समन्वय से विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं तथा उनके जीवन-संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नन्हे कलाकारों के आत्मविश्वास, सहज अभिनय और उत्साहपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को आनंद, भक्ति और उल्लास से भर दिया।

कचरे से बनाई कृष्ण की दुनिया
जन्माष्टमी के अवसर पर नर्सरी से कक्षा द्वितीय तक के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई। इसमें श्रीकृष्ण के मुकुट, बांसुरी, झूला, माखन की मटकियां सहित विभिन्न कलात्मक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं।

प्रदर्शनी की खासियत यह रही कि विद्यार्थियों ने इन वस्तुओं को अपशिष्ट एवं अनुपयोगी सामग्री से तैयार किया। अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता के माध्यम से बच्चों ने न केवल कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पुनर्चक्रण का संदेश भी दिया।

संस्कृति और संस्कार का संदेश
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानाचार्या सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को झूला झुलाया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।