NEWS 127, हरिद्वार।
मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध ढंग से निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों से दूसरे कार्य क्षतिग्रस्त न हों।
मेलाधिकारी ने सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में कुंभ मेला-2027 से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में सड़कों के दायरे में पेयजल लाइन, सीवर, ओएफसी एवं विद्युत लाइनों आदि से संबंधित कार्य सड़क की मरम्मत एवं ब्लैकटॉपिंग से पहले अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण अथवा मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद किसी भी विभाग अथवा संस्था को सड़क की खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर अपनी योजनाओं का सुनियोजित ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा एक साथ अनेक निर्माण एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में कार्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, ताकि एक विभाग का कार्य पूरा होने के बाद दूसरे विभाग के कार्य के लिए उसे दोबारा क्षतिग्रस्त न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्यों की समयसीमा और कार्ययोजना के संबंध में संबंधित विभागों के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखें।
मेलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता की विभिन्न स्तरों पर निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए नियुक्त संस्थाओं के टीम लीडर्स से मेला क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच की विस्तृत जानकारी ली तथा निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा गंभीरता और तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि थर्ड पार्टी निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों का अविलंब निस्तारण कराया जाए और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
मेलाधिकारी ने कहा कि निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही अथवा गुणवत्ता संबंधी कमियों के निस्तारण में उदासीनता पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संस्था के भुगतान में कटौती की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए तैनात एजेंसियों के प्रतिनिधियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) विपिन कुमार, मेला कार्यालय के तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार भट्ट व अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं अधिकारी उपस्थित रहे।








