कुलपति ने 24 दिन की परीक्षाओं में 52 छापेमारी कर 50 नकलची दबोचे








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नवीन चौहान
उम्र के इस पड़ाव में कोई भी इंसान आराम करने की सोचता है। लेकिन जिंदा दिल इंसान सिर्फ काम करने की सोचते है। समाज को कुछ देने की इच्छा रखते है। समाज हित में एक विजन लेकर आगे बढ़ते है। अपने देश और प्रदेश में अपने संस्थान का गौरव बढ़ाते है। कुछ ऐसा ही मिशन लेकर निकल चुके है उत्तराखंड के श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीपी ध्यानी। डॉ ध्यानी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय को सर्वश्रेष्ठ बनाने के प्रयास कर रहे है। तथा डॉ ध्यानी जिंदादिली की मिशाल पेश कर रहे है।
एक दिसंबर 2019 को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति पद की जिम्मेदारी डॉ पीपी ध्यानी को दी गई थी। पदभार ग्रहण करने के तदुपरांत कुलपति डॉ ध्यानी ने विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने मुलाकात की और विश्वविद्याल की वर्तमान स्थिति की जानकारी हासिल की। इसके बाद डॉ ध्यानी ने विश्वद्यालय को आगे बढ़ाने का संकल्प कर लिया। पारदर्शिता से परीक्षाओं को संपन्न कराना और मूल्यांकन करने पर फोकस किया। निजी कॉलेजों से भ्रष्टावार को दूर करने के लिए तमाम विभागीय गतिविधियों को आन लाइन कराया। जिसके बाद कॉलेज और छात्रों के मध्य में विश्वविद्यालय आ गया। विश्वविद्यालय पर पहुंचने वाले तमाम दस्तावेज सही पाए जाने लगे। कॉलेज की ओर से गड़बड़ी की आशंकाए खत्म हो गई। वही डॉ ध्यानी ने सेमेस्टर प्रणाली की परीक्षाओं को सकुशल संपन्न् कराया। उम्र के इस पड़ाव में डॉ ध्यानी ने 52 औचक निरीक्षण खुद किए। जिसमें से 50 नकलियों को रस्टीकेट किया गया और छह परीक्षा केंद्रों को निरस्त किया गया।

सेमेस्टर प्रणाली में 31 जनवरी

24 दिन परीक्षा 70 कोर्स हुई 28 फरवरी
40,773 बच्चे परीक्षा दे, नकल विहीन परीक्षा संपन्न हुई
उड़न दस्ते की 10 टीमें गठित की गई
24 दिन 52 औचक निरीक्षण किया
25 संस्थानों को चेतावनी
50 छात्रों का रस्टीकेशन
6 परीक्षा केंद्र निरस्त