मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को कमजोर बोलने वाले नाराज विधायकों की बत्ती गुल, त्रिवेंद्र समर्थकों में खुशी की लहर








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नवीन चौहान
उत्तराखंड के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत को कमजोर बोलने वाले नाराज विधायकों की बत्ती गुल हो गई है। त्रिवेंद्र पांच साल तक मुख्यमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मंगलवार सुबह देहरादून में उनके भव्य स्वागत करने की तैयारी समर्थकों ने शुरू कर दी है। दिन में करीब दो बजे त्रिवेंद्र सिंह रावत के देहरादून पहुंचने की संभावना है। नेतृत्व परिवर्तन की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा हाईकमान ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के चार साल के कार्यकाल पर मोहर लगाई है। इसी के साथ वह नई ऊर्जा के साथ प्रदेश के विकास की पटकथा तैयार करेंगे।

प्रदेश में नेतृत्व परिर्वतन की हवा उड़ाने वाले तमाम नाराज विधायकों को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। उत्तराखंड के करीब दो दर्जन से अधिक विधायक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। अपनी ही सरकार के मुखिया के खिलाफ बगावत कर रहे विधायकों के बारे में जानकारी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी थी। नाराजगी को दूर करने का उन्होंने काफी प्रयास किया। विधायकों को संगठन के लिए कार्य करने की नसीहत भी दी। लेकिन अपनी महत्वकांक्षा से मजबूर नाराज विधायक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए ही मुसीबत का सबब बनते रहे। हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सभी विधायकों को साथ लेकर चलते रहे। विधायकों की समस्याओं को दूर करने और उनके क्षेत्रों में विकास कार्यो को मंजूरी देकर जनहित में कार्य करते रहे। लेकिन विधायकों की नाराजगी बढ़ती जा रही थी।

भाजपा के अलग-अलग खेमों में बंटे विधायक मुख्यमंत्री को कमजोर मुख्यमंत्री साबित करने का प्रयास करते रहे। ये गुट मीडिया में भी मुख्यमंत्री को कमजोर दिखाने की कोशिश करते दिखे। 7 मार्च को देहरादून में उत्तराखंड पर्यवेक्षक पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के अचानक देहरादून पहुंचने और विधायकों की मन टटोलने की खबर आने लगी। जिसके बाद नाराज विधायक खुलकर मुख्यमंत्री के सामने आ गए और नेतृत्व परिवर्तन की आवाज बुलंद कर दी।
पर्यवेक्षक और प्रदेश प्रभारी ने भाजपा विधायकों की बात सुनी और रिपोर्ट तैयार करके हाईकमान को सौंप दी। मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाया गया तो उत्तराखंड की सियासत गरमा गई। सभी को लगा कि मुख्यमंत्री का चेहरा बदला जायेगा। लेकिन त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाईकमान के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा और गृह मंत्री अमित शाह से त्रिवेंद्र सिंह रावत की मुलाकात हुई। त्रिवेंद्र की ईमानदारी नाराज विधायकों पर भारी पड़ी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को हाईकमान का आशीर्वाद मिला और उत्तराखंड में विकास कार्यो को और तेज गति से कराने का मंत्र भी​ मिला। जिसके बाद त्रिवेंद्र समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

फिलहाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व परिवर्तन की तमाम अटकले सिरे से खारिज हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कुंभ पर्व 2021 के सफल आयोजन के साथ ही सरकार के चार साल के कार्यकाल पूरा होने के जश्न की तैयारियों में जुटने के लिए देहरादून पहुंचने वाले है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों में सरकार के चार साल के कार्यकाल की उपलब्धि बताने की तैयारी की गई है।