एसडीआईएमटी में विधि-विधान से हुआ भगवान विश्वकर्मा का पूजन




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निदेशक डॉ. जयलक्ष्मी ने भगवान विश्वकर्मा को बताया तकनीक और वास्तुशिल्प का प्रेरणास्रोत

न्यूज 127, हरिद्वार
स्वामी दर्शनानन्द इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (एसडीआईएमटी) में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा का पूजन-अर्चन किया गया। संस्थान की निदेशक डॉ. जयलक्ष्मी, प्रधानाचार्य अशोक कुमार गौतम, पंकज चौधरी, अनुराग गुप्ता सहित शिक्षकगणों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और संस्थान की उन्नति की कामना की।

इस अवसर पर निदेशक डॉ. जयलक्ष्मी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को वास्तुशिल्प, निर्माण कला और तकनीकी कौशल का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उन्होंने देवताओं के लिए विभिन्न भवनों, मंदिरों तथा अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया था। उन्होंने कहा कि तकनीकी कार्यों में भगवान विश्वकर्मा के पूजन की विशेष परंपरा रही है। यही कारण है कि विश्वकर्मा जयंती पर तकनीकी संस्थानों, कार्यशालाओं, उद्योगों और कारखानों में मशीनों, औजारों एवं उपकरणों की पूजा की जाती है।

उन्होंने कहा कि यह पर्व तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अपने कार्य के प्रति समर्पण, कौशल और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। संस्थान में आयोजित पूजन कार्यक्रम में शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर डीन एकेडमिक अजुम सिद्दीकी, अनुराग गुप्ता, वर्षा रानी, देवेंद्र सिंह रावत, उमेश चंद्रा, अंकुर चौहान, मलिका पहवा, दिलखुश, वैशाली चौहान, शुभम सिंह राठौर, धरणी धर वाग्ले, ज्योति सिंह, दीपांशी धीमान, ऐंवत कुमार, अमरेश, दृगपाल सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।