सीएम का दिल्ली दौरा बना सियासी रूप से अहम, संगठन और सरकार पर बड़े फैसलों के संकेत








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देहरादून/दिल्ली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी विधानसभा सत्र से ठीक पहले हो रहा यह दौरा न केवल बजट की रणनीति बल्कि संगठनात्मक बदलावों के लिहाज से भी कई अहम संकेत दे रहा है। माना जा रहा है कि चुनावी वर्ष से पहले प्रस्तुत होने वाला यह बजट प्रदेश के विकास और जनकल्याण योजनाओं पर केंद्रित होगा, जिससे जनता के साथ-साथ विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी नई उम्मीदें मिलेंगी।
सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह अंतिम पूर्ण बजट होगा। ऐसे में धामी सरकार प्रदेश के बुनियादी ढांचे, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में बड़ी घोषणाएं कर सकती है। चुनावी वर्ष के मद्देनजर इस बजट को राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

संगठनात्मक स्तर पर भी हो सकते हैं बड़े फैसले
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के इस दौरे को भारतीय जनता पार्टी संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के भीतर लंबे समय से खाली पड़े मंत्री पदों और संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि होली के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों को नई जिम्मेदारियां देकर संगठनात्मक संतुलन साधने का प्रयास किया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कुछ विधायकों को मंत्री या राज्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि संगठन में सक्रिय और लंबे समय से पार्टी के लिए कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं को भी महत्वपूर्ण पदों से नवाजा जा सकता है। इससे न केवल संगठन को मजबूती मिलेगी बल्कि चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा।

चुनावी साल से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी
राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आगामी चुनावों की तैयारी को मजबूत करना चाहते हैं। बजट और संगठनात्मक विस्तार के माध्यम से सरकार विकास का संदेश देने के साथ-साथ राजनीतिक संतुलन बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
यदि होली से पहले मंत्रिमंडल विस्तार या संगठन में फेरबदल होता है, तो इसे कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी सौगात माना जाएगा। इससे न केवल सरकार की कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि चुनावी वर्ष में पार्टी की स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद संभावित निर्णयों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।