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अम्बेडकर जयंती के अवसर पर देहरादून के घंटाघर स्थित परिसर में एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उत्तरकाशी जनपद के युवा कवि प्रकाश नारायण के बहुप्रतीक्षित कविता संग्रह ‘सावन के बादल’ का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के बहुजन एक्टिविस्ट एवं प्रखर नेता दौलत कुंवर ने पुस्तक का लोकार्पण कर युवा रचनाकार को शुभकामनाएं दीं।
संघर्ष से सृजन तक: प्रेरणादायक है प्रकाश नारायण की यात्रा
प्रकाश नारायण एक साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को कमजोर नहीं पड़ने दिया और साहित्य के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। उनकी कविताएं पहाड़ की पीड़ा, संघर्ष और सामाजिक यथार्थ को बेबाकी से प्रस्तुत करती हैं।
लोकगायक बारू निराला सहित कई गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायक बारू निराला के साथ-साथ भीम आर्मी के अनेक कार्यकर्ता एवं साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने युवा कवि के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके लेखन की सराहना की।
‘सावन के बादल’: पहाड़ की आवाज को शब्दों में पिरोता संग्रह
समय साक्ष्य प्रकाशन से प्रकाशित यह कविता संग्रह सामाजिक सरोकारों, पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों और आम जनमानस की भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति देता है। यह संग्रह साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
इच्छुक पाठक कर सकते हैं सीधा संपर्क
जो पाठक ‘सावन के बादल’ कविता संग्रह पढ़ना चाहते हैं, वे सीधे कवि प्रकाश नारायण से मोबाइल नंबर 8218256269 पर संपर्क कर सकते हैं।
✍️ रिपोर्ट: गंगा शाह, देहरादून




