पूर्व CM हरीश रावत के OSD के ठिकानों पर ED का छापा, 32 लाख की नकदी व लग्जरी घड़ियां बरामद










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​न्यूज 127, देहरादून:

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में हुई धांधली और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। ईडी की देहरादून सब-जोनल टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत देहरादून में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।

OSD के घर से मिला कुबेर का खजाना

ईडी की इस कार्रवाई में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (OSD) और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना के आवास पर भी तलाशी ली गई। जांच एजेंसी को जीना के ठिकाने से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी और लगभग 200.5 ग्राम सोने के सिक्के व चेन बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसॉट और कैसियो जैसी ब्रांडेड कंपनियों की 12 लग्जरी कलाई घड़ियां भी जब्त की गई हैं।

बैंक खाते फ्रीज, मोबाइल जब्त

कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने चंदन सिंह जीना और उनके परिजनों के बैंक खातों को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज कर दिया है, जिनमें लगभग 52.16 लाख रुपये जमा हैं। डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने के लिए उनका मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।

तत्कालीन अध्यक्ष व सचिव के ठिकानों पर भी दबिश

ईडी ने देहरादून थाना विजिलेंस में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और ओएमआर शीट प्रोसेस करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक तथा बिचौलियों के ठिकानों को भी खंगाला। जांच में सामने आया कि आयोग की कस्टडी से ओएमआर शीट तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर भेजी जाती थीं, जहां खाली छूटे उत्तरों को भरकर दोबारा सील कर दिया जाता था। इस पूरे खेल में बिचौलियों के जरिए करोड़ों के अवैध लेनदेन का आरोप है। मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में गर्माहट आ गई है। ईडी अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और कई अन्य गिरफ्तारियां संभव हैं।