गगनभेदी गर्जना के साथ आसमान में उड़े लड़ाकू विमान, सूर्यकिरण ने मेरठ में लिखी शौर्य की नई इबारत




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  • मेरठ के तीन जांबाजों ने वायुसेना के प्रदर्शन में जोड़ा शहर का गौरव

न्यूज 127, मेरठ (जोजो)।
गगनभेदी गर्जना के साथ एक साथ आसमान में उठते नौ लड़ाकू विमान, पलक झपकते बदलते हैरतअंगेज फॉर्मेशन, कभी ज़मीन को चूमती सी सीधी उड़ान तो अगले ही पल नीले गगन में उल्टी कलाबाज़ियां! जब दो जेट विमान आमने-सामने से तेज़ रफ्तार में आए और हवा को चीरते हुए एक-दूसरे के बेहद करीब से निकल गए, तो हर दर्शक की सांसें थम गईं।

शनिवार को मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध ‘सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम’ ने पहली बार मेरठ के आसमान में जब अपनी जांबाजी और हैरतअंगेज कलाबाज़ियों का प्रदर्शन किया, तो हज़ारों आँखें अपलक टकटकी लगाए आसमान की ओर टिकी रह गईं। हॉक एमके-132 (Hawk Mk-132) विमानों के शोर के बीच जब नीले गगन पर तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंगों की भव्य छटा बिखरी, तो पूरा वातावरण ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

केंद्र व प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस ऐतिहासिक एयरो-शो (Air Show) में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई रोमांचित और देशभक्ति के नए उत्साह से सराबोर नज़र आया। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट विमान सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर मेरठ के आसमान में पहुंचे। मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों तथा जय हिंद और वंदेमातरम के नारों के उद्घोष करके विमानों का स्वागत किया।

सुबह ही लोग पहुंचे प्रदर्शन मैदान में
सुबह साढे़ सात बजे से ही न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक विशेष इस रोमांचकारी क्षण का साक्षी बनने पहुंचे। परिवारों के साथ चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमियों ने भी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का आनंद लिया।

रोमांच के बीच दर्शकों की तालियों ने भरा जोश
सूर्यकिरण के विमानों ने आसमान में ऐसा तालमेल दिखाया कि हर करतब के साथ दर्शकों की तालियां तेज होती गईं। नौ विमानों ने पहले वी-आकार में उड़ान भरी, फिर अलग-अलग दिशाओं में बिखरते हुए अगले ही पल दोबारा सटीक फॉर्मेशन बना लिया। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर ने रोमांच बढ़ाया। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान देखकर लोग सांस थामे रहे। दो जेट आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रास करते हुए निकल गए तो मैदान तालियों से गूंज उठा।

तिरंगे रंग में रंगा आसमान
विमानों के पीछे निकलती केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-लकीरों ने आसमान को तिरंगे में रंग दिया। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। हवाई करतबों के बीच तिरंगे की यह छटा बच्चों के लिए खास आकर्षण रही।

एयर शो से मेरठ शहर का सीधा जुड़ाव
सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने आसमान में हॉक जेट उड़ाते हुए करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन जांबाजों को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा देख दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।

राष्ट्रसेवा और अनुशासन का संदेश
योगी सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने मनोरंजन से आगे बढ़कर युवाओं को राष्ट्रसेवा और अनुशासन का संदेश दिया। स्कूली बच्चों ने भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और तकनीकी दक्षता को प्रत्यक्ष देखा। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

1996 में हुई थी 52वें स्क्वाड्रन की स्थापना
सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को टीम के लिए चुना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी हवाई कलाबाजियों से दर्शकों को रोमांचित कर चुकी सूर्यकिरण का मेरठ में यह पहला प्रदर्शन था।

डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भेजा था प्रस्ताव
राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था और आठ सितंबर को इसे आधिकारिक मंजूरी मिली। सूर्य किरण के विमानों ने जैसे ही आसमान में फॉर्मेशन बदला, स्कूली बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कोई हाथ हिलाकर पायलटों का अभिवादन कर रहा था तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए हर करतब रिकॉर्ड करने में जुटा था।

प्रशासन की रही चाक चौबंद व्यवस्था
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि दर्शकों की सुविधा के लिए पेयजल उपलब्ध कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।

एयर शो के दौरान ये रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, सीडीओ नूपुर गोयल, सीएमओ डॉ. राम प्रसाद, अपर जिलाधिकारी (नगर) बृजेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पंकज दीक्षित, एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश कुमार गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, बडी संख्या में छात्र-छात्राएं, आमजन आदि उपस्थित रहे।