पुराने तालाब को मिला नया जीवन, मियांवाला में खिला ₹8.64 करोड़ का ‘जल सृष्टि पार्क’




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न्यूज 127, देहरादून
मियांवाला में वर्षों पुराने तालाब को नया जीवन देकर विकसित किया गया ₹8.64 करोड़ का ‘जल सृष्टि पार्क’ शुक्रवार को आमजन को समर्पित कर दिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विकसित पार्क का लोकार्पण किया। प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं के संगम के रूप में विकसित यह पार्क रायपुर क्षेत्र के लोगों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ाव का नया केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पार्क में पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया जाना विशेष रूप से सराहनीय है। तालाब के मध्य विकसित आइलैंड और पेडल बोटिंग की सुविधा पार्क के प्रमुख आकर्षण हैं। उन्होंने कहा कि अब रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। पुराने तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि अपनी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी है। विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन आसान बनाना, शहर को सुंदर रखना और पर्यावरण की रक्षा करना है।

रायपुर क्षेत्र में विकास कार्यों को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े अनेक कार्यों को गति दी जा रही है। सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य जारी है। नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं तथा पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ देहरादून में पेयजल की आवश्यकता भी बढ़ रही है। सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना से भविष्य में शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बरसात में बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा तथा चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं।

हर उम्र के लोगों के लिए सुविधाएं
एमडीडीए ने पार्क में जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, चिल्ड्रन पार्क, एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र और बैठने की सुविधाएं विकसित की हैं। तालाब के बीच आइलैंड और पेडल बोटिंग ने पार्क को विशेष आकर्षण दिया है। इससे पार्क स्वास्थ्य, मनोरंजन और पर्यावरण संरक्षण का समन्वित केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पार्क बना सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से पार्क को अपना समझकर इसकी स्वच्छता और देखभाल करने तथा बच्चों और युवाओं से प्रकृति के बीच समय बिताने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देहरादून की पहचान उसकी हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से है। आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ इस पहचान को बनाए रखना भी जरूरी है। राज्य सरकार इसी संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।