न्यूज 127, कोटद्वार
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, उत्तराखंड प्रांत का वार्षिक अधिवेशन रविवार को कोटद्वार के कल्पनानगरी में गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित हुआ। अधिवेशन में पूर्व सैनिकों के कल्याण, उनके अधिकारों, विभिन्न समस्याओं और परिवारों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खंडूड़ी भूषण ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी एवं संस्था के पूर्व अध्यक्ष कमांडर जैसवाल के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रसेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को नमन किया।
अनुभव और अनुशासन समाज की बड़ी पूंजी
ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि भारतीय सेना के वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व सैनिकों का अनुशासन, अनुभव और राष्ट्रसेवा की भावना समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक देश का गौरव हैं और उनके साथ-साथ उनके परिवारों के सम्मान एवं हितों का संरक्षण भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े विषयों के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा उन्होंने दिलाया।
अधिवेशन में संगठन की आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में परिषद को मजबूत करने, सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से संबंधित मंचों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
संगठन को मजबूत बनाने पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सैनिकों का अनुभव समाज और नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करता है। अधिवेशन में पूर्व सैनिकों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने और उनके कल्याण के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेजर जनरल (डॉ.) आर.के. गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, मेजर मलवीर सिंह रावत, जिला अध्यक्ष सूबेदार कुलदीप सिंह रावत, ग्रुप कैप्टन हुसवंत सिंह, विंग कमांडर डी. ओबराय, सूबेदार सतीश जोशी, कैप्टन डी. धुलिया, लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश देवरानी, समर कमांडर रेवानी, नायक गोपाल कृष्ण, सूबेदार गोपाल दत्त जरमोला एवं राजेश बड़थवाल सहित परिषद के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।








