UGC एक्ट और SC-ST कानून में बदलाव की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा स्वर्ण समाज










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न्यूज 127. हरिद्वार।
आरक्षण विरोधी आंदोलन का रविवार को हरिद्वार में असर दिखायी दिया। बहादराबाद टोल प्लाजा पर हजारों की संख्या में पहुंचे स्वर्ण समाज के आंदोलनकारियों ने करीब छह घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान टोल प्लाजा पर वाहनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शन का नेतृत्व शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने किया।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इनमें UGC एक्ट वापस लेने, SC-ST कानून को वापस लेने तथा आरक्षण व्यवस्था में सुधार एवं संशोधन की मांग शामिल रही। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम वैभव गुप्ता ने आंदोलनकारियों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि जब तक UGC एक्ट वापस नहीं होता, SC-ST कानून में बदलाव तथा आरक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में भाजपा और कांग्रेस को समर्थन नहीं देने तथा लोगों के हित में सामने आने वाले तीसरे विकल्प पर विचार करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था को लेकर लोगों में लंबे समय से असंतोष है और अब इसे लेकर देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन चलाया जाएगा।

समाज को बांट रही केंद्र सरकार
उन्होंने केंद्र सरकार पर विभिन्न मुद्दों के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कोई संन्यासी जनता की मांगों को लेकर सड़क पर उतरता है तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन सड़क से लेकर संसद तक जारी रखने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

यूजीसी को बताया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़
आंदोलनकारियों ने यूजीसी के इन नए प्रावधानों को सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए ‘यूजीसी रोल बैक’ की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शन के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस विवादित नियम को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लोगों ने कहा कि यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के तहत लाए जा रहे प्रावधान सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को मानसिक दबाव में डालने वाले हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इन नियमों का भविष्य में सामान्य वर्ग के खिलाफ दुरुपयोग हो सकता है। इसके चलते बिना किसी ठोस अपराध के भी बच्चों को प्रताड़ित किया जा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत तुष्टिकरण के बजाय सभी के साथ समान न्याय होना चाहिए।

चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा
आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस ‘काले कानून’ को वापस नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन देशव्यापी रूप लेगा। समाज के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सवर्णों की शंकाओं का समाधान कर इस नियम को रोल बैक नहीं किया गया, तो आने वाले चुनावों में समाज वोट की चोट के जरिए इसका कड़ा जवाब देगा।

ये रहे प्रदर्शन के दौरान मौजूद
स्वामी श्री महामंदेश्वर आनंद स्वरूप जी महाराज, स्वामी कार्तिक गिरी जी महाराज, शेर सिंह राणा, बलवंत सिंह चौहान, रोबिन सिंह सभासद, राजेंद्र गुरु, विवेक चौहान, दीपक चौहान, बख्शी चौहान, अंशुल चौहान, अंकित चौहान, शिवनंदन चौहान, विशाल चौहान, प्रदुम चौहान मोनित चौहान, अक्षय चौहान, अखिल चौहान, हिमांशु चौहान, भूपेश जोशी, सतीश शर्मा, विशाल शर्मा, निशिकांत शुक्ला, मनोज शुक्ला, के. कौशिक, संजय शर्मा, विमलेश मिश्रा, शिव शंकर पांडेय, ऋषि शर्मा समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।