नवीन चौहान.
यूपी और उत्तराखंड की संपत्तियों के बंटवारे पर सहमति बनने के बाद वर्षों से चली आ रही यह समस्या अब समाप्त हो गई है। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को कई बार स्मरण किया, उनके नाम को संबोधित किया तथा उनके कार्यकाल में संपत्ति विवाद सुलझाने की पहल की सराहना की
इसके लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहनीय पहल काम आयी। उनके सकारात्मक कदम से ही इस समस्या का समाधान हो सका। इसके लिए प्रदेश की जनता जहां उनका आभार जता रही है वहीं प्रदेश के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा है।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने एक संदेश में कहा कि जब एक ही पार्टी की सरकारें हों तो बड़ी से बड़ी समस्या का भी हल निकल जाता है। आदरणीय योगी जी ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी देवभूमि उत्तराखंड को लेकर जो मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई आज उसी का परिणाम है कि वर्षों से लंबित मामलों का समाधान संभव हो पाया। मुझे खुशी है कि आज वर्षों पुरानी समस्या का हल निकला और अलकनंदा पर्यटक आवास, उत्तराखंड को और भागीरथी पर्यटक आवास, उत्तर प्रदेश को मिल गया है। मुख्यमंत्री रहते हुए मेरे प्रयासों को हमारे युवा और यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आगे बढ़ाने का कार्य किया वो अत्यंत सराहनीय है।
आदरणीय योगी जी आज के कार्यक्रम में आपके निमंत्रण पर मेरी पूरी इच्छा थी कि मैं वहां उपस्थित रहूं, लेकिन आकस्मिक कारणों से पहुंच न सका, आपके निमंत्रण के लिए अंतः करण से आभार व्यक्त करता हूँ।
2013 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार द्वारा उत्तराखंड के पेंशनर्स की पेंशन पर रोक लगा दी थी, लेकिन 2017-18 में दोनों राज्य सरकारों की वार्ता के बाद ₹2500 करोड़ से अधिक की यह धनराशि हमें मिल पाई और अब सालाना लगभग ₹700 करोड़ उत्तराखंड को निरंतर मिल रहे हैं जो कि बहुत बड़ी राहत है।
इसी प्रकार से दोनों राज्यों ने मिलकर परिवहन विभाग सम्बंधी मसलों का भी समाधान कर लिया था, जिससे दोनों को ही अच्छी आय होने लगी है। ऐसे ही नहरों और कई अन्य लंबित मामले थे जिनका समाधान हो चुका है।




